लखीमपुर खीरी। जिला महिला अस्पताल में गर्भवती महिला से डिलीवरी के बाद अवैध वसूली का मामला सामने आया है। पीड़ित ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से लिखित शिकायत की है। अवैध वसूली का मामला सुर्खियों में आने के बाद सीएमओ ने जांच के आदेश दिए हैं। अस्पताल में मरीजों से वसूली का खेल तो काफी समय से चलने की चर्चा है, लेकिन लिखित शिकायत न होने से अफसर भी कार्रवाई से बचते थे। इस बार लिखित शिकायत आने के बाद शुक्रवार को रुपये लेने वाले की पहचान की जाएगी।
महेवागंज कस्बे के ओदरहना गांव निवासी गुफरान अंसारी ने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर उसने अपनी पत्नी को 31 मार्च की शाम महिला अस्पताल में भर्ती कराया। आरोप है कि 200 रुपये देने के बाद मरीज को हाथ लगाया गया है। डिलीवरी के बाद 900 सौ रुपये की मांग की जाने लगी। रुपये न देने पर इलाज में भी लापरवाही बरतनी शुरू कर दी। पीड़ित ने बताया कि जैसे-तैसे व्यवस्था करके रुपये दिए। रुपये देने के बाद स्टाफ ने मरीज को दवाओं के नाम पर दो टेबलेट्स थमा दिए।
पीड़ित ने बताया कि अस्पताल में पहुंचने वाले सभी मरीजों से खुलेआम वसूली का खेल चलता है। जो रुपये नहीं देते हैं, उनको परेशान किया जाता है। अस्पताल में अल्ट्रसाउंड से लेकर खून की जांच में भी रुपये मांगे जाते हैं। गुफरान ने बताया कि महिला अस्पताल में बिना रुपये कुछ भी नहीं होता। अल्ट्रासाउंड के नाम पर 200 रुपये, खून जांच के लिए 100 रुपये और डिलीवरी के बाद बच्चे का प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर खुलेआम 150 रुपये लिए जाते हैं।
पूर्व में भी हो चुकी हैं शिकायतें
जिला महिला अस्पताल में मरीजों से अवैध वसूली का यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी कई बार अवैध वसूली के मामले उठे है। लेकिन आज तक कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई।
मामले की जांच कराई जा रही है। पीड़ित पक्ष को बुलाया गया है। जिसने भी रुपये लिए हैं, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. ज्योति मेहरोत्रा, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल
महिला अस्पताल में मरीजों से रुपये लिए जाने की शिकायत मिली है। मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. संतोष गुप्ता, सीएमओ