पलिया में घर पर कैद माले नेता। स्रोत: सोशल मीडिया
पलियाकलां। लखनऊ में आयोजित एक्टू के प्रदर्शन से पहले माले नेताओं को घरों में नजरबंद किए जाने के आरोप को लेकर रविवार को भाकपा माले ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। पार्टी ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या बताया।
जिला कार्यालय पर हुई बैठक में जिला सचिव कृष्णा अधिकारी ने कहा कि 10 मई को मुख्यमंत्री आवास मार्च में शामिल होने के लिए जिले से कार्यकर्ताओं को जाना था, लेकिन पुलिस ने शनिवार रात से ही घेराबंदी शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि मैलानी में जवाहर लाल को घंटों थाने में बैठाए रखने के बाद घर पर नजरबंद कर दिया गया।
माले नेताओं के अनुसार, निघासन में किसान महासभा के रामदरश और जिला सचिव रंजीत सिंह को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया। पलिया में एपवा नेता आरती राय, कमलेश राय और रामकिशुन को भी घर के बाहर रोक दिया गया।
बैठक में नेताओं ने कहा कि नोएडा में गिरफ्तार मजदूरों और बुद्धिजीवियों की बिना शर्त रिहाई तथा न्यूनतम मजदूरी 44 हजार रुपये किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। बैठक में काॅमरेड मैनेजर, रवि, रामजीवन, विनोद भारती, तपेश्वरी और मुसाफिर समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।