निघासन। कोतवाली क्षेत्र के गांव खैरहनी स्थित श्री हनुमान मंदिर की जमीन पर कब्जे का मामला सामने आया है। मंदिर के मुख्य न्यासी एवं प्रबंधक हरद्वारीलाल पांडे की तहरीर पर पुलिस ने नौ लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
उन्होंने पुलिस को बताया कि ग्राम खैरहनी परगना व तहसील निघासन में 1.412 हेक्टेयर भूमि मंदिर के नाम दर्ज है। इसी जमीन के पश्चिमी मध्य भाग में श्री हनुमान जी का मंदिर स्थित है। मंदिर के दक्षिण और पश्चिम दिशा में निकास द्वार भी बने हुए हैं।
उन्होंने बताया कि करीब दस वर्ष पहले मंदिर परिसर के पास शिवप्रसाद और भारत को अस्थायी रूप से रहने की अनुमति दी गई थी। दोनों के आवासों के बीच मंदिर की खाली जमीन है, जहां से कृषि कार्य के लिए आने-जाने की सुविधा के लिए जुलाई, 2025 में गेट लगाने की योजना बनाई गई थी। उसी दौरान गांव के अनूप कुमार, छंगालाल और प्रेमलता उर्फ प्रेमा देवी ने हस्तक्षेप कर विवाद किया था।
इस मामले में 26 जुलाई को समाधान दिवस में शिकायत भी की गई थी। शिकायत के बाद पुलिस और राजस्व विभाग की टीम कई बार मौके पर पहुंची और सीमांकन कराया गया, जिसमें आरोपियों की वहां कोई भूमि नहीं पाई गई।
तहरीर के अनुसार, छह मार्च की सुबह करीब 3:45 बजे छंगालाल, गंगा देवी, अनूप कुमार, अरुण कुमार, रीना देवी, रामगोपाल, पूजा और रामसागर समेत कई लोग लाठी-डंडों और अन्य हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे और मंदिर की जमीन पर जबरन दो छप्पर डाल दिए।
विरोध करने पर आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर मौके पर उनके पुत्र शशिकांत पांडे, निशिकांत पांडे और ब्रजमोहन लाल सहित अन्य लोग पहुंच गए। आरोप है कि आरोपियों ने असलहे दिखाकर सभी को दौड़ा लिया और धमकी दी।
पीड़ित ने बताया कि घटना की सूचना यूपी-112 को भी दी गई थी। कोतवाल महेशचंद्र ने बताया कि मामले में करीब नौ लोगों को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।