भीरा। ग्राम कम्मा टांडा मजरा इटकुटी में आबकारी टीम पर घर में घुसकर सुरेश सिंह की पिटाई करने का आरोप लगा है। उनकी पत्नी शीला देवी का आरोप है कि टीम ने सुरेश को कमरे में बंदकर सरिया और लात-घूंसों से पीटा, जबकि आबकारी इंस्पेक्टर अविनाश रावत का कहना है कि टीम ने मारपीट नहीं की।
गांव के प्रधान ने सुरेश को दो-तीन थप्पड़ मारे थे, जिन्हें लोगों ने रोक दिया था। सुरेश को सीएचसी बिजुआ से जिला अस्पताल लखीमपुर रेफर किया गया है। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
शीला देवी ने थानाध्यक्ष को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 25 जुलाई सुबह करीब आठ बजे उनके पति सुरेश सिंह गांव स्थित खोखे पर बैठे थे। इसी दौरान आबकारी टीम पुलिस फोर्स के साथ पहुंची और सुरेश को देखकर दौड़ाने लगी।
आरोप है कि सुरेश घर में घुस गए तो टीम भी वहां पहुंच गई और कमरे में बंदकर लात-घूंसों व सरिया से अमानवीय तरीके से पिटाई और गाली-गलौज की। इससे सुरेश को गंभीर चोटें आईं और सांस लेने में दिक्कत होने लगी।
26 जुलाई को उन्हें सीएचसी बिजुआ में भर्ती कराया गया, जहां से बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल लखीमपुर रेफर कर दिया गया। आबकारी इंस्पेक्टर अविनाश रावत ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम दबिश देने गई थी। एक व्यक्ति मकान से निकलकर भाग रहा था, जिसे पकड़ लिया गया। वह शराब के नशे में था। इसी दौरान गांव के प्रधान वहां पहुंचे और उसे दो-तीन थप्पड़ मारे, जिस पर लोगों ने उन्हें रोक दिया। इंस्पेक्टर ने कहा कि महिला ने बताया था कि उसके पति को शराब पीने की आदत और दौरे की बीमारी है। ऐसे में अस्पताल में भर्ती होने का कारण बीमारी भी हो सकती है।
सीएचसी बिजुआ के चिकित्सा अधिकारी डॉ. नसीमुद्दीन ने बताया कि मरीज की हालत अब सामान्य है, लेकिन बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। थानाध्यक्ष भीरा अमित पांडे ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच बिजुआ चौकी इंचार्ज सुशील तिवारी को सौंपी गई है। सीओ महक शर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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सभी आरोप निराधार हैं। संबंधित पक्ष के लोग कच्ची शराब बनाते हैं। शिकायत मिलने पर घेराबंदी कर कार्रवाई की गई थी।
राजवीर सिंह, जिला आबकारी अधिकारी
बिजुआ सीएचसी में प्रदर्शन करती गांव की महिलाएं। संवाद