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Lakhimpur Kheri News: मानसून आते ही तराई में फुफकार रहा मौत का खतरा

Sun, 26 Jul 2026 11:09 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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कोबरा
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लखीमपुर खीरी। मानसून और बाढ़ के साथ तराई में जहरीले सांपों का खतरा बढ़ गया है। लगातार बारिश से सांप बिलों से निकलकर घरों, खेतों और खलिहानों तक पहुंच रहे हैं।
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जुलाई में जिले में सर्पदंश के दर्जनों मामले सामने आए हैं, जिनमें करीब पांच लोगों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी और समय पर इलाज से अधिकांश मामलों में जान बचाई जा सकती है।
मोटीवेटर व सोशियोलॉजिस्ट नजरुन निशा, जिन्होंने जिले में अब तक कई सांपों का रेस्क्यू किया है। वे बताती हैं कि जिले में सांपों की करीब 40 प्रजातियां पाई जाती हैं। इनमें अधिकांश विषहीन हैं, जबकि करैत, कोबरा और रसेल वाइपर सबसे खतरनाक हैं। उन्होंने इन तीनों सांपों के स्वभाव और इनके खतरे के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
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सबसे ज्यादा मौतों की वजह करैत
करैत को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। यह मनुष्य की गर्मी की ओर आकर्षित होता है और बिस्तर तक पर चढ़ सकता है। इसके बेहद नुकीले दांतों के कारण कई बार डसने का तुरंत पता नहीं चलता। नजरुन निशा के अनुसार जिले में सर्पदंश से होने वाली करीब 70-80 प्रतिशत मौतें करैत के काटने से होती हैं।
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कोबरा : खतरा महसूस होने पर फैलाता है फन
खतरा महसूस होने पर कोबरा पहले खुद को बचाने का प्रयास करता है। वह शरीर का अगला हिस्सा उठाकर फन फैलाता है। कई बार वह ड्राई बाइट करता है, यानी बिना जहर छोड़े काटता है। इसके बावजूद यह सबसे विषैले सांपों में शामिल है।
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रसेल वाइपर : शांत, लेकिन बेहद घातक
रसेल वाइपर शांत स्वभाव का माना जाता है, लेकिन यह अत्यंत खतरनाक है। यह पलक झपकते दो-तीन बार तक डस सकता है। इसके विष से शरीर के अंग प्रभावित हो सकते हैं। कई मामलों में एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) देने के बाद भी मरीज की जान नहीं बच पाती।
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सर्पदंश पर झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचें
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. आरके कोली ने बताया कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद नहीं करना चाहिए। मरीज को शांत रखें, प्रभावित अंग को कम से कम हिलाएं और तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं, जहां एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) उपलब्ध होता है। घाव को काटने, चूसने या कसकर बांधने जैसी गलतियां जानलेवा हो सकती हैं।

बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां
खेतों में काम करते समय लंबे जूते और मोटे कपड़े पहनें।
रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का प्रयोग करें।
घर के आसपास झाड़ियां, लकड़ी और कचरे का ढेर न लगने दें।
बाढ़ और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।
सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें।
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केस-1 : इलाज के दौरान रंजीत की मौत
सदर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ज्ञानपुर निवासी रंजीत कुमार को 12 जुलाई को सांप ने डस लिया था। परिजनों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस मामले में परिजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया था।

केस-2 : अस्पताल ले जाते समय शैलेंद्र ने तोड़ा दम
निघासन के चखर गांव निवासी शैलेंद्र श्रीवास्तव को 18 जुलाई को सांप ने डस लिया। परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। रास्ते में ही शैलेंद्र की मौत हो गई।

कोबरा

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