कोरोना की बंदिशें हटने से कारोबारी भी खुश
लखीमपुर खीरी। दो साल बाद कोरोना के साये से दूर होकर पहली बार खुले माहौल में ईद मनाई जाएगी, जिसको लेकर यहां बाजार सज गए हैं। ईद की खुशियां मनाने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोगों की बाजारों में भीड़ उमड़ रही है। मुख्य रूप से रेडीमेड कपड़ों, जूता-चप्पल, सिंवई व सूतफेनी की दुकानों से काफी खरीदारी की जा रही है।
रमजान पाक के तीस दिनों के रोजे के बाद आने वाले ईद-उल-फितर का त्योहार मुस्लिम समाज में धूमधाम से मनाया जाता है। ईद की नमाज अदा करने के बाद सभी समाज के लोगों के साथ मिलकर खुशियों को साझा करते हैं। महिलाओं द्वारा कपड़ों, आभूषणों एवं घरेलू उपयोग की चीजों की विशेष खरीददारी की जा रही है। दो साल बाद कोरोना की बंदिशों से हटकर इस बार ईद मनाई जा रही है, जिससे मुस्लिम समुदाय समेत कारोबारियों में भी खुशी है। पिछले दो सालों के मुकाबले इस बार उन्हें अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
अमीरनगर। ईद पर खरीदारी करने के लिए महिलाएं और पुरुष बच्चों के साथ रविवार सुबह से ही कस्बे की रेडीमेड, शूज, सूतफेनी, सेमई, चूड़ी, जनरल स्टोर की दुकानों पर खरीदारी करने वाले लोगों की भीड़ लगी रही। लगातार दो वर्षों से ईद का त्योहार कोरोना वायरस के चलते सही से नहीं हो पाया था। इस बार मार्केट में एक सप्ताह से ईद की खरीदारी करने वाले लोगों की भीड़ चल रही है।
मोहम्मदी। रेडीमेड की दुकानों के अलावा कपड़े परचून की दुकानों पर खरीदारी हो रही है। नगर पालिका ईदगाह में नमाज के पहले सफाई कराएगी। एसडीएम पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि ईद की पूरी तरह तैयारी कर ली गई है। नगर में पूरी साफ सफाई कराई जा रही है। आवारा सुअरों पर प्रतिबंध रहेगा। हर जगह पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
सेवई से लेकर कपड़ों की दुकानों पर दिखी भीड़
मितौली। दो वर्ष बाद बगैर किसी प्रतिबंध के ईद मनाने का मौका मिल रहा है, जिससे लोगों में खुशी दो गुनी देखने को मिल रही है। खुशियों में चार चांद लगाने के लिए बाजार भी सजे हुए हैं। सेवई से लेकर कपड़ों की दुकानें गुलजार हैं। रविवार को मितौली कस्बे में ईद को लेकर काफी संख्या में महिलाएं, बच्चे व बुजुर्ग खरीदारी करते नजर आए। छोटी से लेकर बड़ी दुकानों में लोग मनपसंद सामान की खरीदारी कर रहे हैं। बच्चे भी उत्साहित हैं। वह भी अपनी पसंद के कपड़े खरीद रहे हैं। बाजार में लोग कुर्ता, पजामा, जूते, चप्पल टोपी सलवार, कुर्ता, महिलाओं के मेकअप के सामान सहित तरह-तरह के हिजाब, दुपट्टा दुकानों में ढूंढने में मशगूल दिखे। कस्बे में कपड़े, चूड़ी, ब्यूटी पार्लर, सेवई, फुटवियर की दुकानों पर सुबह से शाम तक भीड़ रही। वहीं ईद पर सेवई, सूखे मेवे समेत अन्य खाने पीने की खरीदारी भी करते दिखे। बाजार में सूतफेनी, सेवई और मेवे की मांग भी तेज है। वहीं सेवई की दुकानों पर महिलाएं सेवइयां खरीदते नजर आईं।
गोला में ईदगाह सहित 11 मस्जिदों
में पढ़ी जाएगी ईद की नमाज
गोला गोकर्णनाथ। नगर के ईदगाह सहित 11 मस्जिदों में ईद की नमाज सामूहिक रूप से पढ़ी जाएगी। नगर का ईदगाह की रंगाई पुताई कर व्यवस्थाएं मुकम्मल कर ली गई हैं।
प्रभारी निरीक्षक विवेक कुमार उपाध्याय ने बताया कि गोला नगर में ईदगाह सहित 11 और पूरे कोतवाली क्षेत्र में 21 मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ी जाएगी। जहां पर्याप्त पुलिस बल शांति सुरक्षा व्यवस्था में मुस्तैद रहेगा।
मझगईं। कोरोना महामारी के चलते दो साल से ईद की नमाज ईदगाह में अदा नहीं हो सकी। इस बार कोरोना से राहत मिलने पर ईद की नमाज ईदगाह में अदा की जाएगी। सदर निजामुद्दीन खान मस्जिद की रंगाई व साफ सफाई जोर शोर से करा रहे हैं। सदर ने कहा कि नमाज समय से अदा की जाएगी। तेज धूप से नमाजियों को बचाने का भी इंतजाम नमाज से पहले तक मुकम्मल हो जाएगा। बताया कि मेला ईदगाह के पास ही लगाया जाएगा। संवाद
प्यार मोहब्बत बांटने का त्योहार है ईद
कुरआन में यह भी कहा गया है कि इंसान को मानव जाति की भलाई के लिए पैदा किया गया है। इस्लाम ने मुस्लिमों को सख्ती करने से मना किया कि अपनी इबादत के लिए दूसरों को कष्ट नहीं दे सकते। रात-रात भर साउंड न बजाओ, रास्ते जाम करके नमाज न अदा की जाए, किसी के प्लाट जमीन पर बिना अनुमति नमाज समेत कोई धार्मिक या निजी कार्यक्रम न किया जाए। यह हमारी जिम्मेदारी है कि अपने सुख त्याग कर दूसरों के दुख दूर करें।
- मौलाना हारून रशीद आसिम, अध्यक्ष जमीअत दारे अक़ॱरम एजुकेशनल एंड वेलफेयर फाउंडेशन, राजेंद्र नगर गोला
ईद पर मुल्क की शांति और तरक्की के लिए दुआ मांगें
मुसलमानों का त्योहार ईद मूल रूप से भाईचारे को बढ़ावा देने वाला त्योहार है, इस त्योहार को सभी आपस में मिल के मनाए और खुदा से अपने वतन हिंदुस्तान के लिए अमन, शांति और अपने मुल्क की तरक्की के लिए दुआएं मांगें। शासन और प्रशासन का पूरा सहयोग करें और एक दूसरे से चाहे वह किसी भी धर्म या मजहब या जाति का हो सभी के साथ मिलकर खुशियां बांटें और खुशियां बिखेरें।
- रफी अहमद, केडिया फार्म, सिनेमा रोड गोला