धौरहरा क्षेत्र में जटपुरवा गांव के किनारे लहूलुहान हालत में मिला शव
घरवालों ने पड़ोसी और उसके तीन अन्य साथियों को किया नामजद
महेवागंज/धौरहरा। सदर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार की रात जमीन के विवाद में एक युवक का अपहरण कर उसकी हत्या करने का मामला सामने आया है। रविवार की सुबह धौरहरा क्षेत्र में शव बरामद हुआ। एएसपी अरुण कुमार सिंह और सीओ टीएन दुबे ने मौका मुआयना किया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी और साजिशकर्ता को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके अन्य तीन साथियों की तलाश कर रही है।
सदर कोतवाली के बालूडीह (महेवागंज) निवासी गया प्रसाद ने बताया कि उनका भाई प्रबोध गुप्ता (48) शनिवार की रात 10 बजे धूम्रपान के लिए घर से बाहर निकला था। जब काफी देर बाद भी घर नहीं लौटा तो घरवालों को चिंता हुई।
आरोप है कि तलाश के दौरान पता चला कि पड़ोसी आशीष गुप्ता पुत्र आसाराम से चल रहे जमीन के विवाद में आशीष ने अपने साथी खमरिया निवासी उमेश मिश्रा और खीरी थाना के नकहा कस्बा निवासी राजेश व अन्य एक अज्ञात साथी की मदद से भाई को बुलाकर उसको मारपीट कर गायब कर दिया है। घरवालों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने बताया कि रविवार की सुबह धौरहरा क्षेत्र के जटपुरवा गांव में भाई का लहूलुहान शव मिलने की सूचना मिली। प्रभारी निरीक्षक डीपी शुक्ला, क्राइम इंस्पेक्टर राजू राव घटनास्थल पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर शिनाख्त की जाने लगी, जिससे उसके कपड़ों की जेब में मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान हो सकी। इसके बाद मोबाइल फोन से पुलिस ने घरवालों को सूचना दी। सिर पर गहरे चोट के निशान और घाव की बात कह घरवालों ने धारदार हथियार से हत्या की आशंका जताई। मृतक के भाई गया प्रसाद गुप्ता निवासी बालूडीह द्वारा दी तहरीर पर पुलिस ने आरोपी आशीष गुप्ता निवासी खमरिया थाना ईसानगर, राजेश निवासी नकहा समेत एक अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
प्रथम दृष्टया जमीन के विवाद में प्रबोध गुप्ता की हत्या हुई है। घरवालों ने मुख्य आरोपी आशीष गुप्ता और उसके तीन साथी समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष हत्यारोपियों की तलाश की जा रही है।
- टीएन दुबे, सीओ धौरहरा
मृतक चोरी और एक मर्डर के आरोप में जा चुका था जेल
महेवागंज। प्रबोध उर्फ बहादुर हत्या के मामले में पुलिस ने परिवार वालों के आरोप पर मुख्य आरोपी पड़ोसी आशीष गुप्ता को उसके घर से दबोच लिया, जबकि घटना में शामिल अन्य साथियों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई। हत्या में कितने लोग शामिल हुए। उनसे मृतक की दुश्मनी क्या थी? किस औजार से हत्या की गई।
पुलिस ने पकड़े गए एक मात्र आरोपी को गिरफ्तार कर पीठ थपथपा ली। पुलिस सूत्रों की मानें तो हत्या की सुपारी दी गई थी। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रापर्टी खरीदने के बहाने युवक को बुलाया गया और सिर पर लोहे की रॉड से वारकर उसकी हत्या कर दी गई। आननफानन शव को कार में लादकर धौरहरा क्षेत्र में फेंक कर फरार हो गए। हत्या अगर घर के पास की गई तो किसी इसकी भनक न लगने की बात किसी के गले नहीं उतर रही। पुलिस को मौका मुआयने के दौरान भी वहां कुछ नजर नहीं आया।
पुलिस ने एक महिला से काफी देर की पूछताछ
पुलिस ने चौकी में बुलाकर एक महिला से काफी देर पूछताछ की। लखीमपुर निवासी महिला मृतक की जान पहचान की बताई जाती है। घरवालों के मुताबिक, मृतक अविवाहित था।
चोरी और एक मर्डर के आरोप में जा चुका था जेल
मृतक प्रबोध 2008 में घर के समीप एक ज्वैलर्स की दुकान में चोरी के आरोप में और 2013 में अपने पड़ोसी व रिश्तेदार अधिवक्ता अमरनाथ गुप्ता की हत्या के आरोप में जेल जा चुका था। हालांकि किसी से उसकी प्रत्यक्ष और गंभीर दुश्मनी की बात सामने नहीं आई है। प्रापर्टी विवाद के मामले अक्सर लोगों के सामने आते थे।