गोला गोकर्णनाथ। सावन के दूसरे सोमवार पर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि प्रशासन की पूरी व्यवस्था तहस-नहस हो गई। मुख्य मार्ग पर लगाई गईं लोहे की बैरीकेडिंग उखड़कर बिखर गईं।
गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। मुख्य मार्ग का स्वागत द्वार चरमरा गया। भीड़ को नियंत्रित करने में प्रशासनिक अधकारियों के पसीने छूट गए। इस बीच तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं द्वारा भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने का अनुमान है। रविवार से ही शिव भक्तों ने नगर में विभिन्न स्थानों पर डेरा जमा लिया था। मध्य रात्रि में ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
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अशोक चौराहे से लेकर शिव मंदिर के मुख्य द्वार होते हुए गर्भ ग्रह तक आस्था का जन समूह ही दिख रहा था। दर्शनार्थ रात्रि 1:00 बजे शिव मंदिर के कपाट खोल दिए गए। इसके बाद आस्था का प्रवाह दोपहर तक चलता रहा।
नगर में भारी वाहनों के अलावा शिव मंदिर के मुख्य मार्ग में ई-रिक्शों और बाइकों का प्रवेश वर्जित रहा। रोडवेज डिपो का अस्थायी बस अड्डा मोहम्मदी मार्ग बाइपास चौराहा स्थित राइस मिल में बनाया गया, जहां से सिकंदराबाद होते हुए बसों का संचालन हुआ।
नगर के अशोक चौराहे पर नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू के साथ भारत विकास परिषद छोटी काशी,व्यापार मंडल कंछल गुट, पूर्व सैनिक सेवा परिषद और श्याम दीवाने सेवा समिति के लोगों ने कांवड़ियों पर पुष्प वर्षा की। इस मौके पर अजय गुप्ता, अनिल जलोटा, शैलेंद्र सक्सेना, अनुज खरे, मनोज वर्मा, द्वारिका प्रसाद रस्तोगी, संजय तिवारी आदि मौजूद रहे।
जूते-चप्पल लेने वापस नहीं आ पाए श्रद्धालु
शिव मंदिर के निकट एवं मंदिर के मुख्य मार्ग में कई जगह जूते-चप्पलों के ढेर लगे दिखे। आवाजाही के दो ही मार्ग होने से जिन श्रद्धालुओं के जूते चप्पल छूट गए वह वापस लेने नहीं आ पाए।
भारी भीड़ में ठग और उचक्के भी सक्रिय रहे। राजगढ़ निवासी चंद्रपाल अपने बच्चों को गोद में लिए परेशान दिखे। उन्होंने बताया कि एक व्यक्ति उन्हें बातों में उलझाकर उनकी साइकिल लेकर चला गया।
गोला गोर्णनाथ में सावन के दूसरे सोमवार ड्रोन कैमरे से लिया गया श्रद्धालुओं की भाारी भीड़ का चि