मंडी के फड़ों पर सरकारी बोरों में गेहूं बरामदगी का मामला
मंडी सचिव कार्यालय के कंप्यूटर रिकार्ड खंगाले गए
राजापुर मंडी में 1214 सरकारी बोरों में बरामद गेहूं के मामले की जांच एडीएम न्यायिक रामसुरेश वर्मा ने शुरू कर दी है, जिन्होंने पहले दिन मंडी जाकर बरामदगी स्थलों को देखा। अलग-अलग आढ़तियों के फड़ों पर मिले, सरकारी बोरों में भरे गेहूं के मालिकों को लेकर डिप्टी आरएमओ से जानकारी मांगी। सीज कर एक फर्म की सुपुर्दगी में रखे गए सरकारी बोरों को भी देखा।
बता दें कि आठ जून 2017 को राजापुर मंडी में कुछ आढ़तियों की फड़ों पर सरकारी बोरों में गेहूं पैकिंग कर सरकारी एजेंसियों को सप्लाई करने का मामला पकड़ा गया था। सरकार और किसानों को चूना लगाने वाले इस गोरखधंधे के पकड़े जाने पर किसी भी आढ़ती ने 1214 सरकारी बोरों में भरे गेहूं पर दावा नहीं किया था। तब अधिकारियों ने चबूतरा नंबर तीन पर 167 बोरे गेहूं बरामद किया था। जबकि दुर्गा टे्डिंग कंपनी के सामने फड़ पर 290 बोरे सीज हुए थे। इसके अलावा 757 बोरा चबूतरा नंबर तीन और चार के बीच रास्ते पर मिला था। डिप्टी आरएमओ कौशल देव ने डीएम के आदेश पर अज्ञात के खिलाफ कोतवाली में धोखाधड़ी की एफआईआर कराई थी, लेकिन इसकी जांच अभी आगे नहीं बढ़ी है। वहीं एडीएम न्यायिक रामसुरेश वर्मा ने जांच शुरू करते हुए शुक्रवार को मंडी में स्थलों को निरीक्षण किया। सीज किए गए गेहूं के बोरों को देखा और एक बार अपने सामने बोरों की गिनती कराई। जांच के दौरान मंडी सचिव मौजूद नहीं थे। इसके अलावा एडीएम न्यायिक ने मंडी सचिव कार्यालय के कंप्यूटर में रिकार्ड खंगाले। उन्होंने संबंधित विभागों और क्रय एजेंसियों के रिकार्ड मांगे हैं।
सरकारी बोरों में बरामद गेहूं मामले की जांच में पहले दिन स्थलों का निरीक्षण करने के साथ कुछ अभिलेख देखें। अभी मंडी और डिप्टी आरएमओ से क्रय एजेंसियों पर की गई खरीद के अभिलेख प्राप्त नहीं हुए, जिन्हें शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
रामसुरेश वर्मा, एडीएम न्यायिक