लखीमपुर खीरी। रुपये के लेनदेन के विवाद के बाद दर्ज छेड़खानी के केस में अदालत ने आरोपी सईदुल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने सुनवाई के दौरान दिए गए बयानों को देखते हुए शिकायतकर्ता और उसके माता-पिता के खिलाफ प्रकीर्ण मुकदमा दर्ज करने का आदेश भी दिया है।
ईसानगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी सईदुल का वर्ष 2020 में एक व्यक्ति से रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। इसके दो दिन बाद उस व्यक्ति की बहन ने सईदुल के खिलाफ छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कथित पीड़िता नाबालिग होने के कारण पुलिस ने विवेचना के बाद अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान कथित पीड़िता और उसके माता-पिता अपने बयानों में सईदुल पर छेड़खानी का आरोप लगाने से मुकर गए। पीड़िता के माता-पिता ने लेनदेन के विवाद को लेकर घटना से दो दिन पहले सईदुल से कहासुनी और झगड़ा होने की बात स्वीकार की। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने भी इसी तथ्य का समर्थन किया।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र नाथ पांडेय ने सईदुल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। अदालत ने मामले में झूठा बयान देने के आरोप में कथित पीड़िता और उसके माता-पिता के खिलाफ प्रकीर्ण मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।