शहर में सर्दी कम होने से मच्छरों की संख्या बढ़ गई है। मोहल्लों में जलभराव और गंदगी मच्छरों को बढ़ने में मदद कर रही है। स्वास्थ्य विभाग या नगर पालिका ने रोकथाम लिए ठोस प्रयास नहीं किए हैं। इससे मलेरिया और फाइलेरिया का खतरा बढ़ गया है।
शहर के बाहरी मोहल्लों में जहां गंदे पानी के निकास की बेहतर व्यवस्था नहीं है वहीं इन बस्तियों में साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं है। शहर के मोहल्ला गंगोत्री कॉलोनी, काशीनगर का पूर्वी हिस्सा, शिवकॉलोनी, गोटैय्याबाग और नौरंगाबाद, गोविंदनगर कॉलोनी आदि में गंदे पानी के निकास की बेहतर व्यवस्था नहीं है। इससे इन बस्तियों में गंदा पानी घरों के आसपास भरा रहता है। इन बस्तियों में खाली प्लाट भी गंदगी से पटे पड़े हैं। गंदे पानी का भराव और गंदगी मच्छरों के बढ़ने में मदद करती है। इससे शहर के बाहरी मोहल्लों में मच्छरों की भरमार हो गई है। इन मोहल्लों में सफाई कर्मी भी नियमित नहीं जाते हैं। कई मोहल्लों में आवारा सुअर भी घूमते मिल जाएंगे। मच्छरों के बढ़ने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
क्या हो सकती हैं बीमारियां
सीएमओ डॉ.वीएस चौहान ने बताया कि मच्छरों से मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू और जापानी इंसेफ्लाइटिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं। उन्होंने लोगों को मच्छरों से बचने की सलाह दी है।
नगरपालिका ने शुरू कराई फॉगिंग
नगर पालिका के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अनिल कुमार चौधरी ने बताया कि शहर में मच्छरों के लिए फॉगिंग शुरू कर दी गई है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को छिड़काव कराने के लिए लिखा गया है।
शुरू कराया गया है छिड़काव
सीएमओ वीएस चौहान ने बताया कि मच्छरों को देखते हुए 24 फरवरी से शहर में छिड़काव शुरू करा दिया गया है मलेरिया विभाग की टीम ने मोहल्लेवार छिड़काव के लिए टीमें बनाई हैं। जो कार्यक्रम बनाया गया है उसके अनुसार 11 मार्च को मोहल्ला प्यारेपुर, 12 को ईदगाह, 13 को भुइफोरवानाथ, 16 को हाथीपुर उत्तरी, 17 को हाथीपुर कोठार, 18 को नौरंगाबाद, 19 को शमसेर नगर, 20 को नईबस्ती, 21 को बहादुरनगर, 23 को हिदायतनगर, 24 को द्वारिकापुरी मोहल्ले में छिड़काव कराया जाएगा।