गौरीफंटा बार्डर पर आईडी चेक करते एसएसबी के जवान। संवाद
गौरीफंटा (खीरी)। रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ के मद्देनजर गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद भारत-नेपाल सीमा पर आवाजाही के नियम बदल दिए गए हैं। गौरीफंटा सीमा पर शुक्रवार से नेपाल आने-जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए आधार कार्ड मान्य नहीं होगा। अब सीमा पार करने के लिए निर्वाचन आयोग का मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) या वैध पासपोर्ट ही स्वीकार किया जाएगा।
बृहस्पतिवार को सीमा पर तैनात 39वीं वाहिनी एसएसबी के जवानों ने नेपाल आने-जाने वाले लोगों को शुक्रवार से नई व्यवस्था लागू होने की जानकारी दी और वोटर आईडी साथ रखने के निर्देश दिए। अचानक सूचना मिलने से रोजाना नेपाल आने-जाने वाले लोगों में असमंजस की स्थिति बन गई।
एसएसबी के सहायक कमांडेंट रवि समोता ने बताया कि गृह मंत्रालय के आदेश के तहत माता-पिता के साथ यात्रा करने वाले बच्चों के लिए स्कूल का पहचान पत्र अथवा राशन कार्ड में दर्ज नाम मान्य होगा।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, यह आदेश करीब पौन माह पहले जारी किया गया था। निर्देश थे कि सीमा पर सूचना पट लगाकर लोगों को पहले से जानकारी दी जाए, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बृहस्पतिवार को एसएसबी की ओर से मुनादी कराए जाने के बाद लोगों को नई व्यवस्था की जानकारी मिली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना नियम लागू होने से रोजाना नेपाल जाने वाले कामगारों, सब्जी विक्रेताओं और इलाज के लिए जाने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कई लोगों को बिना सीमा पार किए लौटना पड़ सकता है।