गौरीफंटा। धनगढ़ी (नेपाल) से 15 वर्षीय किशोरी को एक युवक बहला-फुसला कर गुजरात ले जा रहा था। गौरीफंटा सीमा पर शक होने पर एसएसबी की महिला विंग ने दोनों को पकड़ लिया। एसएसबी ने किशोरी व युवक को नेपाल पुलिस व एनजीओ की मौजूदगी में परिजनों के सुपुर्द किया है।
एसएसबी 39वीं वाहिनी के सहायक कमांडेंट रवि समोटा ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम गौरीफंटा सीमा पर एसएसबी इंस्पेक्टर नरेश कुमार जवानों व महिला विंग के साथ चेकिंग कर रहे थे। धनगढ़ी नेपाल से गौरीफंटा की ओर आ रहे एक 18 वर्षीय युवक व किशोरी को शक होने पर एसएसबी महिला जवानों व भारतीय एनजीओ एमएसएस ने रोककर कैंप में ले जाकर पूछताछ की।
युवक ने अपना नाम भरत रावल पुत्र खकेंद्र रावल निवासी वार्ड नौ मंगलसेन जिला आछाम बताया। पूछताछ में युवक ने बताया कि वह किशोरी से प्रेम करता है और उसे राजकोट गुजरात लेकर जा रहा था, जहां वह कुक का काम करता है।
युवक के पास से कक्षा दस की मार्कशीट और किशोरी के पास से जन्म प्रमाणपत्र व उसकी मां की नागरिकता मिली है। इसके बाद एसएसबी ने दोनों के परिजनों से संपर्क कर नेपाल सीमा पर तैनात नेपाली संस्था व एपीएफ पुलिस की मौजूदगी में दोनों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। संवाद