तिकुनिया। घास काटकर लौट रहे युवक को सोमवार शाम बाघ ने हमलाकर मार डाला। दुधवा टाइगर रिजर्व जंगल से सटे मंझरा पूरब क्षेत्र में तीन दिन के अंदर बाघ दो लोगों को मार चुका है। यह हमले उस समय हुए हैं जब मानव बाघ संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए दुधवा में विशेषज्ञों का मंथन चल रहा है। यह कार्यशाला दुधवा में मंगलवार को शुरू हुई जिसमें चार राज्यों के विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।
पडुहा गांव निवासी बांके का 35 वर्षीय पुत्र कमलेश डनलप लेकर मंझरा पूरब स्टेशन की ओर फूस काटने के बाद डनलप में भर कर ला रहा था। कमलेश साइकिल से डनलप के आगे चल रहा था। उसी समय बाघ ने कमलेश पर झपट्टा मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। बाघ हमले की घटना खैरटिया मंझरा पूरब बांध रोड के निकट हुई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मझरा पूरब हिंसक बाघ के ताबड़तोड़ हमलों के चलते राहगीरों का आवागमन ठप हो गया है।
इससे पहले शनिवार को मंझरा पूरब ग्राम पंचायत के मजरा दुमेड़ा निवासी 30 वर्षीय महेश को बाघ ने उस समय हमला कर मार डाला था जब वह अपने गन्ने की गुड़ाई करने खेत में गया था। अब तक इस इलाके में बाघ 15 लोगों की जान ले चुका है। वन विभाग आश्वासन, हिदायत और मुआवजा देने के सिवा कुछ भी नहीं कर पा रहा है।
इससे क्षेत्र के ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति लगातार गुस्सा बढ़ रहा है। उधर उत्तर निघासन वन रेंज बेलराया के रेंजर विमलेश कुमार ने बताया इस मार्ग पर शाम 6:00 बजे के बाद निकलना वर्जित किया गया है। वन विभाग लगातार बाघ की निगरानी कर रहा है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे खेतों में अकेले न जाएं। समूह बनाकर जाएं और लगातार शोर मचाते रहें।