संपूर्णानगर। वन रेंज क्षेत्र के मंझरा पश्चिम गांव के प्रतापनगर में बाघ के हमले से चीमा फार्म निवासी प्रगट सिंह (50) पुत्र दर्शन सिंह की मौत हो गई। वह शुक्रवार देर शाम बाजार से घर लौट रहे थे। शनिवार सुबह उनका अधखाया शव गन्ने के खेत में मिला, जिसके बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और वन विभाग के खिलाफ हंगामा शुरू हो गया।
बताया जा रहा है कि खेतों के बीच रास्ते से गुजरते समय बाघ ने उन पर हमला कर दिया और घसीटते हुए गन्ने के खेत में ले गया। जब देर रात तक प्रगट सिंह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और रिश्तेदारों से भी संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।
शनिवार सुबह दोबारा तलाश शुरू हुई। पूर्वाह्न करीब 11 बजे रास्ते में उनकी पगड़ी और चप्पलें पड़ी मिलीं। ग्रामीण दलजीत की सूचना पर जब लोग इकट्ठा हुए और करीब 100 मीटर अंदर गन्ने के खेत में तलाश की, तो वहां प्रगट सिंह का अधखाया शव मिला।
शव की हालत देख परिजनों के होश उड़ गए। बाघ ने शरीर के निचले हिस्से को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था और एक पैर शरीर से अलग पड़ा मिला। मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटे थे और अविवाहित थे।
घटना की सूचना मिलने के बाद भी रेंजर के मौके पर न पहुंचने से ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले छह महीनों से क्षेत्र में बाघ और तेंदुए के हमले हो रहे हैं, लेकिन वन विभाग कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा।
ग्रामीणों ने मांग की कि जब तक रेंजर मौके पर नहीं आएंगे और बाघ पकड़ने के लिए पिंजरा नहीं लगाया जाएगा, तब तक शव नहीं उठाया जाएगा। स्थिति बिगड़ती देख थाना प्रभारी कृष्ण कुमार, खजुरिया प्रभारी अनिल कुमार और पलिया रेंजर विनय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाया। बाद में पिंजरा मंगवाया गया, जिसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमाॅर्टम के लिए भेजा।
संपूर्णानगर रेंजर ललित कुमार ने बताया कि वह शाहजहांपुर में होने के कारण मौके पर नहीं पहुंच सके, लेकिन टीम तैनात कर दी गई है। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। घटना के बाद इलाके में दहशत है। ग्रामीणों ने बाघ को पकड़ने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी की मांग की है।
पहले भैंस को मारा, फिर ग्रामीण को बनाया शिकार
बताया जा रहा है कि बाघ ने पहले खजुरिया गांव में एक भैंस को मार दिया था। इसके बाद उसने प्रगट सिंह पर हमला कर उन्हें अपना शिकार बना लिया। इन दिनों क्षेत्र में गन्ने की बोआई और छिलाई का काम चल रहा है और अधिकांश खेतों में किसान काम कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर वन विभाग जल्द ड्रोन कैमरे और पिंजरे लगाकर बाघ को नहीं पकड़ता, तो खेतों में काम कर रहे किसानों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। बाघ मुख्य सड़क से कुछ ही दूरी पर खेतों में घूम रहा है।
मृतक प्रगट। फाइल फोटो- फोटो : 1