बांकेगंज। गोला वन रेंज के बरौंछा नाला क्षेत्र में बांकेगंज-गोला मार्ग पार कर ग्रंट नंबर पंचायत के देबीपुर और उदयपुर गांव में आबादी के बीच बाघिन पहुंच गई। शुक्रवार रात एक घंटे के अंतराल में उसने तीन हमले किए। तीन घरों में घुसकर तीन पालतू बकरियों का शिकार किया। इससे ग्रामीण दहशत में हैं।
गोला और मैलानी रेंज सीमा पर बरौंछा नाला क्षेत्र में पिछले पांच माह के अधिक समय से बरौंछा की बाघिन सक्रिय है। शुक्रवार रात बांकेगंज-गोला मार्ग पार कर ग्रंट नंबर पंचायत के देबीपुर और उदयपुर गांव में एक घंटे के अंतराल में बारी-बारी से जय देवी, रोशनी देवी और रामू समेत तीन घरों में घुसकर तीन बकरियों पर हमला कर मार डाला। मुंह में दबोच कर खेत में ले गई। गांव में बाघिन की चहलकदमी का अहसास होने पर लोगों के शोरगुल मचाने वह नजर नहीं आई। इस बीच गन्ने के खेत से उसकी रूक-रूक गुर्राने की आवाजें लोगों को सुनाई देती रही।
शनिवार सुबह मौके पर पहुंची वन कर्मियों की टीम ने पगचिन्ह देखकर बाघिन की मौजूदगी की पुष्टि की है। टीम बकरियों के शव को काफी देर तक तलाश करती रही,जो बरामद नहीं हुए।
किसानों की खेती-बाड़ी हो रही चौपट
बरौंछा नाला क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों का वन विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इससे परेशान ग्रंट नंबर 11 प्रधान रितु रंजना गौतम,शेर सिंह ,ग्रंट नंबर 10 विजय लक्ष्मी गौतम, हरदुआ राम किशुन आदि का कहना है पांच माह के अधिक समय से सक्रिय बाघिन के पालतू पशुओं पर ताबड़तोड़ हमलों से लोगों के आंखों की नींद उड़ गई, सुकून छिन गया है। हमले के डर से किसान खेतों की ओर जाने से कतराने लगे हैं। जिससे उनकी खेती-बाड़ी चौपट हो रही है। इससे परेशान लोगों ने वन विभाग से उसे पकड़ कर जंगल में छोड़ने की मांग की है।
वर्जन
गन्ने के खेतों में पानी भरा होने और लगातार ठिकाने बदलने से उसकी सटीक लोकेशन नहीं मिल पा रही है। उसे बेहोश कर पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वन कर्मियों की टीम 24 घंटे बारी-बारी से निगरानी में जुटी हैं। बाघिन को पकड़ने का अभियान लगातार जारी है।
- संजय बिश्वाल, डीएफओ,दक्षिण खीरी वन प्रभाग।
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