बांकेगंज अस्पताल में पिता के साथ घायल युवती। संवाद
बांकेगंज। मैलानी रेंज के खरेहटा गांव में विनोद कुमार की पुत्री सोनम वर्मा (25) पर बाघ ने बृहस्पतिवार दोपहर उस वक्त हमला कर दिया, जब वह गन्ने की फसल की सिंचाई कर रही थी। यह देख विनोद ने जब शोरगुल मचाया तो बाघ उसे छोड़कर फिर गन्ने के खेत में छिप गया।
हमले में सोनम के हाथ और पैर में गहरे जख्म हुए हैं। शोरगुल की आवाज सुनकर तमाम ग्रामीण हाथों में लाठी-डंडे लेकर मौके पहुंचे और घायल सोनम को इलाज के लिए बांकेगंज सीएचसी ले गए। सीएचसी में डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी। इधर, मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने घटनास्थल के आसपास पैरों के निशान और खून पड़ा देख बाघ मौजूदगी की पुष्टि की है।
रेंजर मैलानी साजिद हसन ने बताया कि वन कर्मियों की टीम गठित कर लगातार निगरानी कराई जा रही है। गन्ने के खेत में छिपे बाघ की तलाश ड्रोन के जरिये की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्कता बरतनी चाहिए।
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15 दिन से गन्ने के खेत में डेरा डाले है बाघ
खरेहटा गांव के किसानों का कहना है कि हमलावार बाघ पिछले 15 दिन से आबादी के पास गन्ने के खेतों में डेरा डाले है। इससे पहले दो नवंबर को गन्ना की छिलाई कर रहे किसान राम नरायन सिंह पर बाघ ने हमला कर गंभीर घायल कर दिया था। 15 दिन के अंतराल में दो हमलों से ग्रामीणों में दहशत है। इसके बावजूद वन विभाग निगरानी तक सीमिति है। नाराज किसानों ने वन विभाग से बाघ को पकड़ने की मांग की है। खरेहटा गांव के किसानों का यह भी कहना है कि आबादी के पास गन्ने के खेतों में बाघिन की शावकों के साथ मौजूद हो सकती है। एक से दूसरे खेत में चहलकदमी करती बाघिन के रुक-रुककर गुर्राने की आवाजें लोगों को सुनाई देती रहती हैं।