बीते साल दीपावली के अगले दिन हुआ था बवाल
पुलिस पिटाई से ग्रामीण की मौत के आरोप लगने पर फूंक दी गई थी चौकी
बिजुआ। एक साल पहले दीपावली के अगले रोज रैनागंज गांव में पुलिस पिटाई से एक दलित युवक की मौत का आरोप लगा था। इससे नाराज भीड़ ने चौकी पर हमला कर दिया और पुलिस वालों को पिटाई करने के बाद पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया था। अब एक साल बाद इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर उन्हें कोर्ट में पेश किया है।
रैनागंज गांव के राकेश को बीते साल चार नवंबर को दीपावली के अगले दिन पुलिस एक मामले में पूछताछ के लिए ले गई थी। गांव में पहुंची पुलिस के दो सिपाहियों पर राकेश को पीटने का आरोप लगा और घायल राकेश की सीएचसी में मौत हो गई थी। गुस्साए परिवार वालों ने सैकड़ों लोगों की भीड़ के साथ आरोपी पुलिस कर्मियों पर हमला कर उन्हें पीट दिया। इस दौरान भीड़ के निशाने पर करीब तीन घंटे तक पुलिस रही थी, भीड़ की पिटाई में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे और चौकी फूंक दी गई थी। मामले में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज हुआ था, करीब एक साल बाद दीपावली के बाद मामला फिर से सुर्खियों में आ गया। पुलिस ने भीड़ में शामिल होकर उपद्रव करने के आरोप में रामनगर कलां के ग्रामीण पृथ्वी और रैनागंज गांव के प्रदीप को सुबह हिरासत में ले लिया। भीरा एसओ अजय यादव ने बताया कि जांच के दौरान कुछ लोगों की पहचान हुई है। ये दोनाें व्यक्ति उस मामले में शामिल पाए गए थे, जिस पर इनकी गिरफ्तारी हुई है, आरोपियों का मेडिकल कराकर कोर्ट में पेश किया गया।