जन शिकायतों का नहीं हो रहा निस्तारण, जाति, आय, निवास, हैसियत, जमानत सत्यापन आदि कार्य ठप
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर प्रदेश भर में लेखपालों का कार्य बहिष्कार करीब एक माह से जारी है। इससे लोग प्रभावित हो रहे हैं। सिर्फ सरकारी कार्य लेखपालों द्वारा किया जा रहा है, जबकि लेखपाल संगठन ने 30 नवंबर 2014 तक कार्य बहिष्कार जारी रखने का ऐलान कर रखा है, जिसके बाद एक दिसंबर 2014 से पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार करते हुए तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चिकालीन धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है। शासन-प्रशासन की ओर से अभी तक लेखपालों के कार्य बहिष्कार से निपटने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए गए हैं।
बता दें कि रिक्त पदों पर भर्ती समेत विभिन्न मांगों को लेकर लेखपालों ने 16 अगस्त 2014 से 13 अक्तूबर 2014 तक तहसील दिवसों और समाधान दिवसों का बहिष्कार किया था। इसके बाद 14 अक्तूबर से 30 नवंबर 2014 तक लेखपाल संगठन ने कार्य बहिष्कार का दायरा बढ़ाते हुए तहसील दिवस, समाधान दिवस के अलावा जनवाणी, मुख्यमंत्री संदर्भ आदि शिकायतों का निस्तारण कार्र्य बंद कर दिया है। वहीं जाति, आय, निवास, हैसियत, जमानत सत्यापन, उत्तराधिकार प्रमाण पत्र, बाढ़ राहत, निर्वाचन संबंधी कार्य ठप कर रखे हैं, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं डीएम ने इन स्थितियों से निपटने के लिए कानूनगो की मदद लेने का दावा किया है।
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...और बिगड़ सकते हैं हालात
कार्य बहिष्कार के दौरान करीब 220 लेखपालों के बस्ते कार्यालय में जमा किए जा चुके हैं, जिसमें लेखपालों ने अतिरिक्त चार्ज संभालने से इंकार कर दिया है। इससे एक हजार राजस्व ग्राम में कामकाज प्रभावित हुआ है। इसके अलावा प्रभारी निरीक्षक पदों पर कार्य कर रहे लेखपाल कार्यभार छोड़ सकते हैं।
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फैक्ट फाइल
नाम पद स्वीकृत पद रिक्त पद
राजस्व निरीक्षक 26 20
लेखपाल 559 232
रजिस्ट्रार कानूनगो 18 01
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लेखपालों की मांगों का निस्तारण शासन स्तर से होना है। लिहाजा जिला स्तर पर इनकी समस्याओं का निदान संभव नहीं है। कार्य बहिष्कार से कामकाज प्रभावित हुआ है, लेकिन अन्य विकल्पों से मदद लेकर आवश्यकतानुसार मामलों का निस्तारण कराया जा रहा है।
-गौरव दयाल, जिलाधिकारी