शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थियों के लिए आई धनराशि की दूसरी किश्त न जारी करने को पंचायत राज विभाग ने गंभीरता से लिया है। इस मामले में बांकेगंज ब्लॉक के एडीओ (पंचायत) ने बाबरपुर पंचायत के ग्राम प्रधान के खिलाफ जिला पंचायत राज अधिकारी को पत्र लिखकर पदीय कर्तव्यों का निर्वहन न करने के आरोप में संबंधित प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार प्रतिबंधित करने की संस्तुति की है। ग्रामीणों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए ओडीएफ योजना के तहत ब्लॉक की ग्राम पंचायत बाबरपुर में शौचालय निर्माण के लिए 209 लाभार्थियों का चयन किया गया था। इनको पहली किश्त चेक के जरिए खातों में जारी की जा चुकी है। जब 184 लाभार्थियों को दूसरा भुगतान देने की बारी आई तो प्रधान ने चेक पर साइन करने से यह कहते हुए मना कर दिया किया यह लोग अपात्र हैं। यहां खास बात यह है कि पहली किश्त प्रधान के हस्ताक्षर से ही जारी हुई है। जब मामले से ग्राम विकास अधिकारी ने एडीओ पंचायत गोवर्धन प्रसाद राणा को अवगत कराया तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी को वास्तु स्थिति से अवगत कराया। इस बावत डीपीआरओ चन्द्रिका प्रसाद ने बारपुर के प्रधान को नोटिस जारी करते हुए नियमानुसार शौचालय निर्माण कराने वाले लाभार्थियों को भुगतान कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पदीय कार्यों का निर्वहन न करने के आरोप में उप्र पंचायत राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बांकेगंज ब्लॉक की पंचायत बाबरपुर के प्रधान गांव के विकास कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं। शौचालय निर्माण के लिए ग्राम निधि खाते में धनराशि पहुंचने के बाद चयनित लाभार्थियों को अपात्र बताकर उन्हें दूसरी किश्त की चेक जारी नहीं कर रहे हैं, जबकि शौचालय निर्माण कराने वाले 209 लाभार्थियों का चयन प्रधान ने ही किया था। विकास कार्यों में रुचि न लेने और पदीय कार्यों का निर्वहन न करने के आरोप में प्रधान को नोटिस जारी किया गया है।
- चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ