लखीमपुर खीरी। चालू पेराई सत्र में गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में चीनी मिलों की हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ है, बल्कि मिलों पर लगातार बकाया बढ़ता जा रहा है। भुगतान न मिलने से किसान परेशान हैं, तो वहीं चीनी मिलों पर भुगतान करने का दबाव बढ़ रहा है। जनपद की सभी नौ चीनी मिलों पर 14 अरब 56 करोड़ 86 लाख से अधिक गन्ना मूल्य बकाया हो चुका है। मिल मालिकों की मनमानी के आगे अफसर भी लाचार नजर आ रहे हैं, क्योंकि अभी तक भुगतान न करने वाली मिलों के खिलाफ चेतावनी देकर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।
पेराई सत्र 2018-19 में सभी नौ चीनी मिलें किसानों से 661.01 लाख क्विंटल गन्ना खरीद चुकी है, जिसके सापेक्ष 21 अरब 22 करोड़ 67 लाख 92 हजार रुपये गन्ना मूल्य भुगतान किया जाना है। कुल बकाया के सापेक्ष नौ में से सात चीनी मिलों ने ही छह अरब 65 करोड़ 81 लाख 53 हजार रुपये भुगतान किया है, जिसमें पलिया और खंभारखेड़ा मिल ने एक दिन का भी भुगतान नहीं किया है। लिहाजा चीनी मिलों पर कुल बकाया 14 अरब 56 करोड़ 86 लाख रुपये को भी पार गया है। ऐसे में सरकार की ओर से दी गई चेतावनी का भी मिल मालिकों पर असर नहीं दिख रहा है। खास बात यह है कि पिछले पेराई सत्र का बकाया भुगतान 14 फरवरी 2019 तक किया गया है। ऐसे हालात में चालू पेराई सत्र का भुगतान कब तक होगा? इसका जवाब गन्ना विभाग के अधिकारियों के पास भी नहीं है।
भुगतान में बजाज ग्रुप सबसे फिसड्डी
गन्ना मूल्य भुगतान के मामले में बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिल सबसे फिसड्डी चल रही हैं। 14 फरवरी 2019 तक की रिपोर्ट के मुताबिक गोला ने तीन नवंबर 2018 तक, ऐरा ने 12 दिसंबर तक, अजबापुर ने 31 जनवरी तक, कुंभी ने सात जनवरी, गुलरिया ने 15 जनवरी तक, बेलरायां ने 31 दिसंबर और संपूर्णानगर ने 27 दिसंबर 218 तक खरीदे गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। जबकि बजाज ग्रुप की पलिया और खंभारखेड़ा ने चालू सत्र में एक दिन का भी भुगतान नहीं किया है।
मिलवार बकाया गन्ना मूल्य (लाख में)
गोला 40229.24
पलिया 28669.03
खंभारखेड़ा 24465.41
ऐरा 17935.29
अजबापुर 3965.53
कुंभी 9556.63
गुलरिया 7650.82
बेलरायां 6194.29
संपूर्णानगर 7020.15
बजाज ग्रु्प की मिलों पर पिछले वर्ष का गन्ना मूल्य बकाया था, जिसका संपूर्ण भुगतान 14 फरवरी 2019 तक कर दिया गया है। अब इन मिलों ने नए पेराई सत्र के भुगतान की शुरुआत कर दी है। गन्ना एक्ट के मुताबिक 14 दिनों में भुगतान सुनिश्चित कराने के निर्देश सभी मिल अध्याशियों को दिए गए हैं।
- ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी