पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क में सोमवार सुबह रेलवे लाइन किनारे स्थित कालाकुंडा वाटर होल के पास एक नर बाघ का शव मिला है। रेलवे कर्मचारियों की सूचना पर प्रमुख सचिव वन, एफडी सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वन विभाग के मुताबिक प्रथम दृष्टया आपसी संघर्ष में बाघ की मौत होने का अनुमान है। सोमवार को पलिया स्थित दुधवा मुख्यालय पर पांच डॉक्टरों के पैनल से बाघ के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
रविवार को दुधवा टाइगर रिजर्व के दुधवा रेंज में रेलवे लाइन किनारे स्थित कालाकुंडा वाटर होल के पास एक बाघ का शव पड़ा दिखाई दिया। रेल कर्मचारियों ने सुबह करीब 8.45 बजे सूचना वन अधिकारियों को दी। इसके बाद किशनपुर सेंक्चुरी में प्रवास कर रहीं प्रमुख सचिव वन कल्पना अवस्थी, एफडी रमेश कुमार पांडेय, डीडी महावीर कौजलगि अन्य अधिकारियों और स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। शव का मुआयना करने पर उसके सभी अंग सुरक्षित पाए गए। डीडी महावीर कौजलगि ने बताया कि नर बाघ की आयु लगभग 10 साल है। उसके सिर और आंख में चोट के निशान मिले। पिछले पैर का पंजा टूटा हुआ पाया गया, अगले पैर का नाखून भी फटा था। शव पलिया स्थित दुधवा मुख्यालय लाया गया। जहां सोमवार को होगा।
डीडी महावीर कौजलगि ने बताया कि प्रथम दृष्टया बाघ की मौत आपसी संघर्ष से होने का अनुमान है। मौके पर दूसरे बाघ और हाथी के पगचिह्न भी मिले। अन्य साक्ष्य एकत्र करने के लिए डॉग स्क्वॉड की मदद ली जा रही है। दूसरे बाघ की पुष्टि के लिए घटनास्थल के आसपास कैमरे लगाए जा रहे हैं।