चीनी मिलें गन्ना मूल्य भुगतान में फिसड्डी
लखीमपुर खीरी। चालू पेराई सत्र 2018-19 में गन्ना मूल्य भुगतान करने में सभी चीनी मिलें फिसड्डी साबित हो रही हैं। शुरुआत के कुछ दिनों तक बजाज ग्रुप की तीन मिलों को छोड़कर छह मिलों की स्थिति ठीक रही, लेकिन अब सभी मिलों पर बकाया बढ़ता जा रहा है। सभी नौ मिलों पर 10 अरब 59 करोड़ 97 लाख से अधिक गन्ना मूल्य बकाया हो चुका है, जिसमें गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिल ने अभी तक एक दिन का भी भुगतान नहीं किया है। इससे किसानों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है।
जनपद की नौ चीनी मिलें किसानों का 435.74 लाख क्विंटल गन्ना खरीद चुकी है। इसके एवज में 14 अरब 14 लाख 93 हजार रुपये गन्ना मूल्य देय है। इसके सापेक्ष छह मिलों ने तीन अरब 40 करोड़ 17 लाख 50 हजार रुपये भुगतान किया है। गन्ना खरीद से 14 दिन पूर्व तक का मिलों पर सात अरब 29 करोड़ 23 लाख 77 हजार रुपये बकाया है। इसमें सबसे ज्यादा गोला, पलिया और खंभारखेड़ा पर 5.50 अरब से अधिक गन्ना मूल्य बकाया हो चुका है। खास बात यह है कि इन तीन मिलों ने चालू पेराई सत्र में एक दिन का भी भुगतान नहीं किया है, जबकि कुछ दिन पहले ही गन्ना राज्य मंत्री सुरेश राणा ने भी एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद मिल मालिकों पर कोई फर्क नहीं पड़ा।
मिलवार बकाया गन्ना मूल्य (14 दिन पूर्व तक, लाख में)
गोला 22522.52
पलिया 15056.67
खंभारखेड़ा 13269.30
ऐरा 6451.99
अजबापुर 4321.64
कुंभी 2208.62
गुलरिया 2226.13
बेलरायां 3132.94
संपूर्णानगर 3733.96
तीन मिलों पर पिछले वर्ष का बकाया
बजाज ग्रुप की तीन मिलों पर अभी भी पिछले वर्ष का एक अरब 99 करोड़ 16 लाख 71 हजार रुपये बकाया है। गोला मिल पर 65 करोड़ 17 लाख नौ हजार, पलिया पर 69 करोड़ 43 लाख 16 हजार, खंभारखेड़ा में 64 करोड़ 56 लाख 46 हजार रुपये गन्ना मूल्य बकाया है।
बजाज ग्रुप की तीन मिलों की स्थिति भुगतान में काफी खराब है। इसके लिए मिल मालिकों को बराबर नोटिस जारी की जा रही है। पिछले वर्ष का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने पर जोर दिया जा रहा है, जो इसी माह में पूरा करा दिया जाएगा।
- ब्रजेश कुमार पटेल, जिला गन्ना अधिकारी