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बेटे-बेटियों की नियुक्ति कराने के लिए 50 पंचायत सदस्यों ने दिया इस्तीफा

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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डीपीआरओ ने इस्तीफे की संस्तुति कर फाइल जिला पंचायत अध्यक्ष को भेजी
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ग्राम पंचायतों से फाइल भेजने में देरी होने पर नोडल अधिकारियों को लगाई फटकार

लखीमपुर खीरी। पंचायत सहायक पदों पर अपने बेटा-बेटियों की नियुक्ति कराने के लिए 50 से अधिक पंचायत सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। डीपीआरओ ने इस्तीफे की संस्तुति कर फाइल जिला पंचायत अध्यक्ष के पास स्वीकृति के लिए भेज दी है। कई ब्लॉकों की सैकड़ों ग्राम पंचायतों से चयन सूची अभी डीपीआरओ कार्यालय नहीं पहुंची है। इस पर डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने नोडल अधिकारियों को फटकार लगाई है।
जिले की 1165 ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायकों की नियुक्ति के लिए ग्राम पंचायत, ब्लॉक और डीपीआरओ कार्यालय में करीब 20 हजार आवेदन जमा हुए थे। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक पद पर भर्ती की जानी है, जिसके लिए मेरिट के आधार पर चयन होना है। चयन की शर्तों के अनुसार ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य के परिजन नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकते हैं। इससे 50 से अधिक पंचायत सदस्यों ने अपने परिजन की नियुक्ति पंचायत सहायक पद पर कराने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे गांवों में नियुक्तियों को लेकर सियासी पारा गरमा गया है। ग्राम पंचायतों में मेरिट के आधार पर अभ्यर्थियों की सूची तैयार करके सात सितंबर 2021 तक फाइलें डीपीआरओ कार्यालय में जमा कराई जानी थी। मगर अभी ब्लॉक बेहजम, गोला, मोहम्मदी, बांकेगंज, बिजुआ आदि से फाइलें डीपीआरओ कार्यालय में जमा नहीं कराई गई हैं। इससे जिला स्तरीय कमेटी द्वारा चयन प्रक्रिया में देरी होने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। डीपीआरओ ने अभ्यर्थियों की मेरिट सूची समेत फाइलें जमा न कराने वाले ब्लॉकों के नोडल अधिकारियों/ एडीओ को फटकार लगाते हुए शीघ्र जमा कराने के निर्देश दिए हैं।

निपनिया में एक अभ्यर्थी का आवेदन पत्र गायब

लखीमपुर खीरी। सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत निपनिया में पंचायत सहायक पद पर आवेदन करने वाली एक महिला अभ्यर्थी का आवेदन पत्र ही गायब कर दिया गया। जबकि ग्राम पंचायत द्वारा तैयार की गई मेरिट सूची में वह पहले स्थान पर आती। महिला अभ्यर्थी ने इसकी शिकायत डीपीआरओ से की है।
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ग्राम पंचायत निपनिया में पंचायत सहायक पद के लिए एक दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन पत्र जमा किए थे, जिसमें अभ्यर्थी पूजा वर्मा ने ग्राम प्रधान के पास आवेदन पत्र जमा किया था। मेरिट के हिसाब से पूजा वर्मा के अंक 80.5 प्रतिशत हैं, लेकिन ग्राम पंचायत द्वारा तैयार की गई मेरिट सूची में 79 प्रतिशत अंक वाले अभ्यर्थी का सबसे ऊपर क्रमांक पर नाम रखा गया है। वहीं पूजा वर्मा का नाम मेरिट सूची में शामिल ही नहीं किया गया है। यह देख पूजा वर्मा ने इसकी शिकायत डीपीआरओ से की है, जिसमें आरोप लगाया है कि प्रधान व सचिव ने मिलकर अपने चहेते की भर्ती कराने के लिए अभ्यर्थी पूजा वर्मा का आवेदन पत्र ही गायब कर दिया है। जबकि आवेदन पत्र जमा करने की प्रधान द्वारा जारी की गई प्राप्ति रसीद उसके पास मौजूद है। लिहाजा डीपीआरओ सौम्य शील सिंह ने तुरंत सचिव वंदना मिश्रा को फोन करके मामले की जानकारी की और अभ्यर्थी पूजा वर्मा का नाम मेरिट सूची में शामिल न करने के लिए फटकार लगाई है। डीपीआरओ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित प्रधान व सचिव के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

परिवार के सदस्य की नियुक्ति कराने के लिए करीब 50 पंचायत सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इनमें 13 इस्तीफे सही पाए गए हैं, जबकि 12 इस्तीफे पर सचिव से प्रमाणित हस्ताक्षर न होने के कारण वापस कर दिए गए। इस्तीफा स्वीकार करने के लिए फाइल जिला पंचायत अध्यक्ष के पास भेजी गई है। - सौम्य शील सिंह, डीपीआरओ

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