मैलानी। पूर्वोत्तर रेलवे ने यात्री सुविधा के लिए मैलानी सहित 17 स्टेशनों पर 48 ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड, 09 स्टेशनों के 12 प्लेटफॉर्म पर कोच गाइडेंस, गोला सहित 09 स्टेशनों पर 28 एट ए ग्लांस डिस्प्ले बोर्ड और 11 स्टेशनों पर कंप्यूटर आधारित उद्घोषणा प्रणाली स्थापित की है।
मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पूर्वोत्तर रेलवे पंकज कुमार सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में जाेन के 17 स्टेशनों मैलानी, लखीमपुर, पडरौना, एकमा, मसरख, वाराणसी सिटी, मऊ, खलीलाबाद, सिद्धार्थ नगर, बढ़नी, बलरामपुर, बरेली सिटी, इज्जतनगर, हाथरस सिटी, बदायूं, लालकुआं और प्रयागराज रामबाग 48 ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड लगाए जा चुके हैं।
इससे यात्रियों को ट्रेनों के आगमन, प्रस्थान का समय, प्लेटफॉर्म संख्या की सूचना आसानी से मिलेगी। इसी प्रकार 09 रेलवे स्टेशनों गोला गोकर्णनाथ, हाथरस सिटी, बरेली सिटी, उझानी, बलरामपुर, बढ़नी, सिद्धार्थ नगर, स्वामीनारायण छपिया, प्रयागराज रामबाग के 12 प्लेटफॉर्मों पर कोच गाइडेंस बोर्ड लगाए गए हैं।
कोच गाइडेंस बोर्ड को नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम (एनटीईएस) से संबद्ध किया गया है, ताकि कोच की स्थिति की सटीक जानकारी मिलने के साथ ही गलती की संभावना समाप्त हो जाए।
पूर्वोत्तर रेलवे के नौ स्टेशनों गोला गोकर्नाणथ, बरेली सिटी, इज्जतनगर, उझानी, खलीलाबाद, बस्ती, वाराणसी सिटी, झूसी और प्रयागराज रामबाग के 12 प्लेटफॉर्मों पर एट ए ग्लांस डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। इसके अलावा पूर्वोत्तर रेलवे के 11 स्टेशनों पर कंप्यूटर आधारित यात्री उद्घोषणा प्रणाली स्थापित की गई है। इससे यात्रियों को ट्रेनों के आवागमन की अद्यतन सूचना और आवश्यक जानकारी मिलेगी।
मैलानी में शुरू नहीं हो सके डिस्प्ले और कोच गाइडेंस बोर्ड
अमृत भारत स्टेशन योजना में चयनित मैलानी में ट्रेन डिस्प्ले और कोच गाइडेंस बोर्ड लगाए तो गए हैं, लेकिन अभी तक इन्हें संचालित नहीं किया गया है। इससे गोरखपुर-पीलीभीत-गोरखपुर एक्सप्रेस के आरक्षित यात्रियों को अपने कोच और अनारक्षित श्रेणी के यात्रियों को साधारण कोच तक पहुंचने के लिए भटकना पड़ता है। इस ट्रेन में अनारक्षित कोच कभी आगे तो कभी पीछे लगते हैं। लिहाजा सबसे ज्यादा परेशानी अनारक्षित श्रेणी के यात्रियों को होती है।