लखीमपुर खीरी। रेलवे ने भले ही अब तक ब्रॉडगेज का सीआरएस ट्रायल कराने की तिथि घोषित न की हो, लेकिन अमान परिवर्तन करवा रही संस्था के अधिकारी संभावित तिथि चार मार्च को ही निर्धारित मानकर काम पूरा कराने में जुटे है। कार्यदायी संस्था जहां प्लेटफार्म का निर्माण कराने में लगे हैं तो वहीं रेलवे अधिकारी पुरानी बिल्डिंग का रंग रोगन कराने में।
सीतापुर लखीमपुर के बीच सीआरएस ट्रायल होने की संभावना चार मार्च को जताई जा रही है। इसलिए कार्यदायी संस्था को काम पूरा कराने में दो दिन ही शेष हैं। इन 48 घंटो में प्लेटफार्म को दुरुस्त कराने के लिए रेलवे एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारी जोर शोर से लगे हैं। संस्था के लोग जहां प्लेटफार्म पर टीन शेड डलवाने, रेलवे ट्रैक की रंगाई आदि कराने में लगे हैं तो वहीं रेलवे अधिकारियों ने पुरानी बिल्डिंग की रंगाई पुताई करवानी शुरू कर दी है।
रेलवे ट्रैक का निरीक्षण करने में लगे रेलवे अधिकारी
ट्रायल की तिथि जैसे-जैसे करीब आती जा रही है। वैसे-वैसे कार्य में भी तेजी आती जा रही है। रेलवे ट्रैक को दुरुस्त करने में तीन से चार टीमें लगाई हैं। वहीं, रेलवे के इंजीनियरों ने ट्रॉली से ट्रैक की गुणवत्ता परखनी शुरू कर दी है।
सीआरएस ट्रायल की तिथि भले की निर्धारित न हो सकी हो। फिर भी कार्यदायी संस्था को चार मार्च तक हर हालत में काम पूरा कराने के लिए कहा गया है, क्योंकि काम पूरा होने की रिपोर्ट भेजने के बाद कभी भी ट्रायल की तिथि घोषित हो सकती है।
- आलोक कुमार श्रीवास्तव, पीआरओ पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल