लखीमपुर खीरी। विभिन्न लंबित मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों की एकदिवसीय हड़ताल रही।
जिले में करीब 300 बैंक शाखाओं में कामकाज बंद रहा। हड़ताल में करीब 1400 कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। इससे करीब 600 करोड़ रुपये का क्लियरिंग काम प्रभावित हुआ। चेक और अन्य बैंकिंग लेनदेन अटकने से व्यापारिक गतिविधियों पर असर पड़ा।
बैंक कर्मचारियों ने पंजाब नेशनल बैंक की रेलवे स्टेशन के पास और एलआरपी चौराहे के पास एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
यूनियन के जिला सचिव अतुल मेहरोत्रा ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य-सप्ताह लागू करने की मांग लंबे समय से लंबित है। पांच दिवसीय बैंकिंग की जायज मांग को लंबित रखा जाना कर्मचारियों के साथ अन्याय है।
जिलाध्यक्ष अनुराग पाण्डेय ने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक और शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए। मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
यूनियन के अनुसार, एकदिवसीय हड़ताल के बाद 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 26 अक्तूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया जा सकता है। भारतीय स्टेट बैंक अधिकारी संघ के शिवांशु रस्तोगी ने कहा कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस अवसर पर इंडियन बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, जिला सहकारी बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, केनरा बैंक सहित जिले में कार्यरत विभिन्न बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने भी किया प्रदर्शन
एलआरपी चौराहे के पास उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक अधिकारी संघ ने भी धरना-प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के कार्यकारी केंद्रीय अध्यक्ष आनंद स्वरूप ने बताया कि सरकार के लगातार उदासीन रवैये के कारण देशभर के बैंक कर्मी हड़ताल करने के लिए विवश हैं। क्षेत्रीय इकाई के अध्यक्ष कृष्णा बिहारी ने बताया कि जिलेभर की समस्त बैंक शाखाओं में पूर्ण रूप से तालाबंदी रही।
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बैंक बंद होने से भुगतान और चेक संबंधी काम अटक गए। कारोबारियों को काफी परेशानी हुई। जरूरी बैंकिंग काम के लिए शाखा पहुंचे, लेकिन बंद मिलने से वापस लौटना पड़ा।
-तुषार गर्ग, व्यापारी
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लंबित मांगों को लेकर कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से हड़ताल की है। बैंकिंग व्यवस्था पर इसका असर पड़ा है, लेकिन मांगों को लेकर कर्मचारियों में काफी समय से असंतोष है।
-मोनिका सिंह, महिला संयोजक, इण्डियन बैंक इमप्लाइज यूनियन
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हड़ताल के दौरान शाखाओं में कामकाज पूरी तरह बंद रहा। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा। बैंक खुलने के बाद लंबित काम को प्राथमिकता से निपटाया जाएगा।
-शिवांशु रस्तोगी, एसबीआई, अधिकारी संघ:
डिजिटल सेवाएं रहीं सामान्य
अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) अशोक कुमार गुप्ता ने बताया कि हड़ताल के दौरान एटीएम, यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग एवं मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहीं। बैंक शाखाएं बंद रहने के बावजूद आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जनपद में विभिन्न बैंकों के लगभग 8,000 बैंक मित्र कार्यरत हैं। जिले के सभी 188 एटीएम क्रियाशील हैं और सभी में पर्याप्त कैश है। उन्होंने लोगों से आवश्यकता पड़ने पर बैंक मित्रों और एटीएम सेवाओं का उपयोग करने की अपील की। बैंकिंग सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी संबंधित व्यवस्थाओं पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है, जिससे आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
हड़ताल के दौरान रेलवे स्टेशन के पास प्रदर्शन करते बैंक कर्मी। संवाद
हड़ताल के दौरान रेलवे स्टेशन के पास प्रदर्शन करते बैंक कर्मी। संवाद
हड़ताल के दौरान रेलवे स्टेशन के पास प्रदर्शन करते बैंक कर्मी। संवाद
हड़ताल के दौरान रेलवे स्टेशन के पास प्रदर्शन करते बैंक कर्मी। संवाद