वर्ष 2015-16 के लिए शराब दुकानों की व्यवस्थापन प्रक्रिया के दूसरे चरण में आवेदन करने का समय बीत चुकी है, जिसमें 30 दुकानें छूट गई हैं। यहां 77 देशी, अंग्रेजी और बीयर की दुकानों का व्यवस्थापन होना था। अब छूटी दुकानों का आफर सिस्टम से व्यवस्थापन किया जाएगा। हालांकि 47 दुकानों के लिए 203 आवेदन फार्म जमा हुए हैं।
जिले में 403 शराब दुकानें संचालित हैं, जिसमें 253 देशी, 90 अंग्रेजी और 60 बीयर की दुकानें हैं। इसके अलावा दो मॉडल शॉप और पांच बार हैं। जबकि 2015-16 के लिए सात नई दुकानें प्रस्तावित की गई हैं, जिसमें छह बीयर और एक देशी दुकान शामिल हैं। व्यवस्थापन के पहले चरण में 403 दुकानों में से 70 दुकानों का रिन्यूवल नहीं कराया गया था, जिसके बाद दूसरे चरण में नवसृजित सात दुकानों समेत 77 का लाटरी सिस्टम से व्यवस्थापन कराया जा रहा है। छह फरवरी तक आवेदन फार्म जमा करने की अंतिम तिथि थी। आबकारी विभाग के मुताबिक 47 दुकानों के लिए 203 लोगों ने आवेदन फार्म जमा किए हैं। जबकि 30 दुकानों के लिए एक भी आवेदन जमा नहीं हुआ है। छूटी दुकानों में 11 देशी और 19 अंग्रेजी शराब दुकानें हैं। सर्किल वार गौर करें, तो प्रथम में तीन देशी और पांच अंग्रेजी, द्वितीय में तीन देशी और सात अंग्रेजी, तृतीय में चार देशी और एक अंग्रेजी और चतुर्थ सर्किल में एक देशी और छह अंग्रेजी शराब दुकानों के लिए किसी ने दावेदारी प्रस्तुत नहीं की है। अब इन दुकानों का आवंटन आफर सिस्टम से करने की तैयारी चल रही है।
नौ फरवरी को खुलेगी लाटरी
जिन 47 शराब दुकानों के लिए 203 आवेदन फार्म जमा हुए हैं, उनकी जांच शुरू हो गई है। आठ फरवरी तक जांच पूरी करने के बाद नौ फरवरी को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम के निर्देशन में लाटरी निकाली जाएगी।
जिला आबकारी अधिकारी सुनील कुमार मिश्रा ने बताया कि अपरिहार्य कारणों से लोग दुकानों के लिए आवेदन नहीं कर पाएं हैं। कुछ महंगाई का असर भी रहा है। लिहाजा तीसरे चरण में आफर प्रक्रिया के तहत पुरानी लाइसेंस फीस पर दुकानों का व्यवस्थापन कराया जाएगा, जिसके लिए 18 फरवरी 2015 निर्धारित है।