लखीमपुर खीरी। भीरा वन रेंज के सेमरिया गांव में मंगलवार को मृत पाए गए 25 गिद्धों का बुधवार को तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमाॅर्टम किया। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि कुत्तों के शवों में कोई विषाक्त पदार्थ था, जिसे गिद्धों ने खा लिया। हालांकि, विस्तृत जांच के लिए गिद्धों का बिसरा जांच को आईवीआरआई, बरेली भेजा गया है।
सीवीओ डॉ. दिनेश कुमार सचान ने बताया कि पशु चिकित्साधिकारियों की टीम में डॉ. अंकुर वर्मा, डॉ. राजेंद्र सिंह और डॉ. दयाशंकर ने मृत गिद्धों का पोस्टमार्टम किया। पांच बीमार गिद्धों का इलाज शुरू किया गया। इनमें से चार इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो गए और बाद में आसमान में उड़ गए। सीवीओ ने बताया कि जिन गिद्धों के शरीर में जहर की मात्रा कम थी, वे इलाज के बाद बच गए, लेकिन अधिक प्रभावित गिद्धों ने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सहित दो गिद्धों के शवों को आईवीआरआई, बरेली भेजा गया है।
घटनास्थल पर मिले पके चावल, सैंपल भेजा
लखीमपुर खीरी। सेमरिया गांव में गिद्धों की मौत के मामले में जांच कर रही वन विभाग की टीम को मौके पर खेतों में पके चावल भी पड़े मिले हैं। आशंका है कि इन्हीं चावलों में जहर मिलाकर कुत्तों को मारने के लिए डाला गया था। इससे कुत्ते तो मरे ही, उनका विषाक्त मांस खाने के बाद 25 गिद्ध भी मारे गए। दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन की उपनिदेशक कीर्ति चौधरी ने बताया कि जो कुत्ते मरे थे, वे लावारिस थे और गांव में बकरियों पर हमला कर देते थे। आशंका है कि कुत्तों को मारने के लिए किसी ने पके चावलों में जहर मिलाकर डाला था। फिलहाल मौके से मिले चावल का सैंपल भी जांच के लिए भेजा गया है। गिद्धों का बिसरा भी आईवीआरआई भेजा गया है। जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। संवाद