इमलिया क्षेत्र में कांबिंग करते वनकर्मी स्रोत : वन विभाग
लखीमपुर खीरी। मोहम्मदी-महेशपुर रेंज के इमलिया, अजान, घरथनिया आदि 40 से अधिक गांव में दहशत का पर्याय बना बाघ अब तक वन विभाग की पकड़ में नहीं आया है। बाघ करीब 12 दिनों से वनकर्मियों को छका रहा है। कैमरे में फोटो कैद होती है। पगचिह्न भी मिले। पिंजरे के पास से गुजरा, मगर अंदर नहीं गया। बाघ को बेहोश करने वाली टीम को अब तक कामयाबी नहीं मिली है।
27 अगस्त को बाघ ने हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव इमलिया निवासी अमरेश कुमार को हमलाकर मार डाला था। गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर कई घंटे हंगामा किया। इसके बाद वन विभाग ने बाघ को पकड़ने की कवायद तेज की। वन मंत्री भी जिले में पहुंचे। अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठककर बाघ को पकड़ने के निर्देश दिए।
बाघ को बेहोश कर पकड़ने की अनुमति मिल चुकी है।
पीलीभीत से डॉ. दक्ष और अन्य चिकित्सकों की टीम भी जिले में आ गई। वन विभाग ने बाघ पकड़ने के लिए 24 कैमरे और चार पिंजरे लगाए हैं। ड्रोन भी उड़ाया गया। चार टीमें कांबिंग कर रही हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिली है। बाघ को बेहोश करने पहुंची टीम भी कई दिनों से निगरानी में जुटी है।
ऊंचा मचान बनाकर नीचे पड्डा भी बांधा गया है। तमाम कवायद के बाद भी वन विभाग खाली हाथ है। न बाघ पिंजरे में आ रहा और न ही टीम अब तक बेहोश कर पाई है।