बंजरिया गांव से अंतिम संस्कार के लिए जाते ग्रामीण। स्त्रोत-सोशल मीडिया।
बांकेगंज। गोला वन रेंज से सटे बंजरिया गांव में गन्ने के खेत से निकला बाघ अचानक अंतिम संस्कार करने जा रहे परिजन और ग्रामीणों के सामने आ गया। यह देख सभी के होश उड़ गए। उनके शोर मचाने पर बाघ फिर गन्ने के खेत में छिप गया।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला रेंज जंगल से सटे बंजरिया गांव निवासी हीरालाल की बुजुर्ग मां का शनिवार रात निधन हो गया।
रविवार दोपहर 12 बजे के करीब हीरालाल और उनके परिजन तमाम ग्रामीणों के साथ शव का अंतिम संस्कार के लिए गांव से सटे खेत में ले जा रहे थे। इस दौरान ग्रामीण सड़क पार कर पगडंडी से खेत के लिए मुड़े कि जगतपाल के गन्ने के खेत से निकला एक बाघ ग्रामीणों के सामने आ गया।
उनके शोर मचाने पर बाघ परमेश्वरदीन के गन्ने के खेत में छिप गया। इसके बाद ग्रामीणों ने शव का अंतिम संस्कार किया। आबादी के निकट बाघ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है।
उनका कहना है कि एक महीने के अधिक समय से बाघ आबादी से सटे खेतों में चहलकदमी करता दिखाई दे रहा है। बाघ की दहशत से किसानों की खेती-बाड़ी चौपट हो रही है।
बाघ के हमले के डर से वे खेतों की ओर जाने और बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं। बावजूद इसके वन विभाग बाघ को पकड़ने में नाकाम साबित हो रहा है।