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Lakhimpur Kheri News: 237 पेयजल परियोजनाओं की होगी जांच

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शेखापुर गांव में बनी पानी की क्षतिग्रस्त टंकी। फाइल फोटो
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लखीमपुर खीरी। ईसानगर ब्लाक के शेखापुर गांव में बनी पानी टंकी फट जाने से अब कार्यदायी संस्था बीटीएल के कार्यों पर सवाल खड़े हो गए। बीटीएल ने लखीमपुर जनपद के 11 ब्लॉकों में 237 पेयजल परियोजनाओं का काम कराया है। बीटीएल की बनी टंकी सहित अन्य सभी कार्यों की जांच कराई जाएगी। जांच कराए जाने को लेकर तैयारी चल रही है।
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केंद्र सरकार की सबसे बड़ी परियोजना हर घर जल योजना के तहत जनपद भर में 904 परियोजना के जरिये 1554 गांवों में शुद्ध पानी की सप्लाई देने का काम चल रहा है। इसमें 941 नलकूप, 922 पानी की टंकी निर्माण के साथ ही 11560 किलो मीटर पानी की पाइप लाइन बिछाई जानी है।
विभागीय अफसरों के मुताबिक, अधिकांश काम हो चुका है। इसी योजना के तहत ईसानगर के शेखापुर गांव में 3.52 करोड़ रुपये खर्च कर पानी टंकी का निर्माण कराया गया। पानी टंकी का निचला हिस्सा सीमेंट का, जबकि ऊपरी टंकी स्टील बॉडी का था।
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टंकी में पानी भरने के दौरान शनिवार को वह फट गई, इससे करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया। गनीमत रही कि वहां पर कोई था, नहीं तो जान भी जा सकती थी। ऐसे में अब बीटीएल ने जितने भी काम कराए है, उन सभी की जांच कराई। बीटीएल कंपनी के मैनेजर सुरेंद्र सिंह बात करने की कोशिश की तो उन्होंने मीटिंग में होने का हवाला देकर फोन काट दिया।

जिला प्रशासन की टीम जांच करने पहुंची
शासन की टीम के बाद मंगलवार को जिला प्रशासन से नामित तीन सदस्यीय कमेटी जांच करने पहुंची। कमेटी ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता देखी और ग्रामीणों से भी बात की। जांच में क्या रहा अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका। इधर, पानी टंकी निर्माण में उपयोग की गई सामग्री को आईआईटी कानपुर जांच के लिए भेजा गया है।

पानी टंकी फटने के मामले में जांच चल रही है। शासन के बाद अब जिला प्रशासन की टीम जांच के लिए पहुंची। सामग्री को आईआईटी कानपुर भेजा जा चुका है। रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। बीटीएल कंपनी ने जिले में 237 परियोजनाओं पर काम किया, जिनकी जांच होनी है।
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-योगेंद्र कुमार नीरज, अधिशासी अभियंता, जल निगम, ग्रामीण
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