लखीमपुर-खीरी। प्रदेश में तकनीकी शिक्षा एवं सेवायोजन का स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे स्कूल चलो अभियान की तरह पॉलिटेक्निक चलो अभियान जिला प्रशासन के दिशा निर्देशन में चलाने का निर्णय लिया गया है। यह अभियान 25 फरवरी तक चलेगा। इस आशय की जानकारी राजकीय पॉलिटेक्निक लखीमपुर के प्रधानाचार्य सुरेंद्र विक्रम सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि प्राविधिक शिक्षा तकनीकी कौशल की रीढ़ है। मात्र शिक्षित होना पर्याप्त नही है। आजीविका के लिए हुनरमंद और तकनीकी शिक्षा से संपन्न होना जरूरी है। भारत सरकार की मेक इन इंडिया और स्टार्टअप एंड स्टैंडअप योजनाओं की सफलता का ऊर्जा स्त्रोत प्राविधिक शिक्षित युवा हैं।
उन्होंने बताया कि पॉलिटेक्निक प्रवेश के लिए न्यूनतम अर्हता हाईस्कूल है। पॉलिटेक्निक में शिक्षा प्राप्त करने वाले अधिकांश छात्र और छात्राएं ग्रामीण एवं सीमित आय वर्ग की सामाजिक पृष्ठभूमि से आते है। ऐसे में अधिकांश छात्र, छात्राएं समुचित मार्गदर्शन एवं जानकारी के अभाव में प्राय: इंटरमीडिएट करने के बाद पॉलिटेक्निक में प्रवेश के लिए अग्रसर होते हैं और पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रमों की उपादेयता से अनभिज्ञ होने के कारण पॉलिटेक्निक में प्रवेश के लिए आवेदन नही कर पाते हैैं।
उन्होंने बताया कि पॉलिटेक्निक चलो अभियान का उद्देश्य बड़े पैमाने पर विशेषकर ग्रामीण छात्र और छात्राओं को पॉलिटेक्निक पाठ्यक्रमों और उनसे मिलने वाले रोजगार के बारे में जानकारी देना और उन्हें पॉलिटेक्निक में प्रवेश के लिए प्रेरित करना है। इससे उद्यमियता विकास और स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने बताया कि प्राविधिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश के अधीन संचालित 144 राजकीय, 19 अनुदानित एवं 601 निजी क्षेत्र की पॉलिटेक्निक में संचालित 64 विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश, संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होता है। आगामी सत्र 2019-20 में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन 28 अप्रैल को दो पालियों में किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी वेबसाइट जेईईसी यूपी डाट एनआईसी डाट इन पर जाकर इस प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए 28 फरवरी तक आनलाइन आवेदन कर सकते है।