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कुता काटने से घायल ग्रामीण की मौत

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कुत्ता काटने से घायल ग्रामीण की मौत

एंटी रैबीज इंजेक्शन की विश्वनीयता पर उठे सवाल
पहले पूर्व प्रधान की कुत्ता काटने से हो चुकी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
मितौली। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाए जाने के बावजूद कुत्ते के काटने से घायल गांव कचियानी के एक ग्रामीण की मौत हो गई है। इससे कुछ दिन पहले दरी नगरा के पूर्व प्रधान जगदीश वर्मा की कुत्ते के काटने से मौत हो चुकी है। दोनों मामलों में एंटी रैबीज इंजेक्शन के बेअसर होने से इसकी विश्वनीयता पर सवाल उठने लगे हैं।
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कचियानी गांव निवासी संतराम रैदास चारा बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। 30 मई को वह चारा बेचने मितौली आया था, जहां उसे एक कुत्ते ने पैर में काट लिया था। किसी तरह संतराम सीएचसी मितौली में एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचा, जहां फार्मेसिस्ट ने पहले इंजेक्शन लगाने से इंकार कर दिया था। इसके बाद संतराम ने सीएचसी अधीक्षक के सामने गुहार लगाई, जिसके बाद फार्मेसिस्ट ने इंजेक्शन लगा दिया। इसके चार दिन बाद ही संतराम ने दम तोड़ दिया। इससे परिजनों समेत ग्रामीणों ने एंटी रैबीज की विश्वनीयता पर सवाल खड़े किए गए हैं। वजह भी है कि करीब एक सप्ताह पहले दरी नगरा के पूर्व प्रधान जगदीश वर्मा की मौत हो चुकी है, जिन्हें कुत्तों ने कई जगह काटा था। इसके बाद उन्होंने सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक इलाज कराया था। इसके बावजूद उनकी जान न बच सकी।
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वर्जन.....
ऐसा मामला जानकारी में नहीं आया है। एंटी रैबीज इंजेक्शन की सप्लाई सरकारी एजेंसी करती है। यदि ऐसा मामला है तो जांच कराई जाएगी।
- डॉ. मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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