सहकारिता चुनाव को लेकर भाजपा के दो गुटों में वर्चस्व की लड़ाई खुलकर सामने आ गई है। विकास भवन स्थित सहायक निबंधक कार्यालय में शनिवार की रात करीब सवा नौ बजे से शुरू हुआ हंगामा, तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में रात 12 बजे तक बवाल होता रहा। पहले पूर्व जिलाध्यक्ष श्यामू पांडे आदि नेताओं के साथ मारपीट हुई तो भाजपा जिलाध्यक्ष शरद वाजपेयी, निघासन विधायक रामकुमार वर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष के पति नरेंद्र सिंह समेत कई भाजपाई नेता मामले को शांत कराने रात को ही विकास भवन पहुंचे, जहां दोबारा सदर विधायक योगेश वर्मा अपने समर्थकों संग पहुंच गए। इसके बाद हाईवोल्टेज ड्रामा फिर से शुरू हो गया। फिर पूर्व मंत्री और विधायक रामकुमार वर्मा, जिलाध्यक्ष शरद बाजपेई की सदर विधायक योगेश वर्मा से नोकझोंक हुई। रात करीब साढ़े 12 बजे पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम कुमार पांडेय ने जिला अस्पताल पहुंचकर मेडिकल कराया, जिसके बाद उन्होंने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी।
सहकारी समितियों में प्रबंध कमेटी के सदस्य पदों के चुनाव को लेकर सोमवार को अनंतिम मतदाता सूची का प्रदर्शन किया जाना है, जिससे पूर्व शनिवार को निर्वाचन अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया था। इसके बाद रात को विकास भवन स्थित सहायक निबंधक कार्यालय में प्रबंध कमेटी के सदस्यों (संचालक) के निर्वाचन क्षेत्रों के अवधारण की कार्रवाई चल रही थी। इस दौरान भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम कुमार पांडेय और उनके समर्थक भी मौजूद थे। इसकी जानकारी मिलने पर रात करीब 8.45 बजे सदर विधायक योगेश वर्मा अपने समर्थकों संग सहायक निबंधक कार्यालय पहुंचे। करीब सवा नौ बजे विधायक समर्थकों ने हंगामा करते हुए मारपीट की। यह देख पूर्व जिलाध्यक्ष श्याम कुमार पांडेय ने खुद को सहायक निबंधक मंगल सिंह के कार्यालय में बंद कर लिया, जिस पर विधायक समर्थकों ने दरवाजे को तोड़ दिया और उनकी भी पिटाई कर दी। सूचना पाकर पुलिस पहुंची, तब तक सदर विधायक और उनके समर्थक वहां से चले गए। इसके बाद भाजपा जिलाध्यक्ष शरद वाजपेयी, विधायक रामकुमार वर्मा सहित कई दिग्गज नेता विकास भवन पहुंच गए और सहायक निबंधक, पूर्व जिलाध्यक्ष से घटनाक्रम की बावत जानकारी ली। तभी सदर विधायक दोबारा अपने समर्थकों संग सहायक निबंधक कार्यालय में आ धमके, जिसके बाद हाईवोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया।
सदर विधायक ने अपनी ही पार्टी के विधायक रामकुमार वर्मा और जिलाध्यक्ष शरद वाजपेयी से नोकझोंक कर दी। देखते ही देखते सहायक निबंधक कार्यालय रण क्षेत्र में तब्दील हो गया। इस दौरान मौजूद सीओ सिटी आरके वर्मा और कोतवाल अशोक कुमार पांडेय को भारी मशक्कत करनी पड़ी। रात करीब 12 बजे तक भाजपाइयों में हाईवोल्टेज ड्रामा चला, जिससे पुलिस-प्रशासन के हाथपांव फूल गए। दूसरे दिन रविवार को कोतवाल, सीओ सिटी इस मामले में कार्रवाई को लेकर एसपी आवास पर सुबह से दोपहर बाद तक डेरा जमाए रहे और कार्रवाई की बावत कुछ भी बताने को तैयार नहीं हुए। उधर, जिला पंचायत गेस्ट हाउस में विधायक रामकुमार वर्मा, जिलाध्यक्ष शरद बाजपेई और श्याम पांडेय आदि नेता रात की घटना पर चर्चाएं करते रहे। इस बीच संगठन पदाधिकारियों ने मामले में कार्रवाई कराने की भी दलीलें देते रहे। हालांकि देर शाम तक पूर्व जिलाध्यक्ष के तहरीर देने और उनकी डॉक्टरी के बाद भी मामले में सदर विधायक और उनके समर्थकों पर रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिसका भी कार्यकर्ताओं में मलाल दिखा।
सहायक निबंधक मंगल सिंह भी घिरे
सदर विधायक योगेश वर्मा की मानें तो सहकारिता चुनाव के मद्देनजर क्षेत्रों के निर्धारण में पूर्व सहकारिता मंत्री रामकुमार वर्मा, श्याम पांडे और जिलाध्यक्ष के कहना है सहायक निबंधक-सहकारिता मंगल सिंह क्षेत्र के बंटवारे में गड़बड़ी करने जा रहे थे, जिसका वह विरोध करने गए थे। सहायक निबंधक की मिलीभगत का विरोध किया तो सभी एकजुट हो गए। विधायक यह भी कहते हैं कि वह मामले में एआर को आपरेटिव की जांच कराएंगे। वहीं सहायक निबंधक इस आरोप को सिरे से खारिज कर रहे हैं, लेकिन विधायक के आरोप के बाद सहायक निबंधक भी मामले में घिरते नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि जांच हुई तो सहायक निबंधक पर कार्रवाई तय है।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम कुमार पांडेय निवासी बेलरायां ने तहरीर दी है, जिनका मेडिकल परीक्षण भी हुआ है। मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अशोक कुमार पांडेय, सदर कोतवाल
क्या कहते हैं भाजपाई दिग्गज
कार्रवाई कराकर ही दम लूंगा
भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और रात की घटना के पीड़ित श्याम सुंदर पांडे उर्फ श्यामू पांडे का कहना है कि सदर विधायक योगेश वर्मा ने भाजपा जैसी अनुशासित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का अपमान किया है। विकास भवन में जिस तरीके से उन्होंने अपने समर्थकों संग उनके समेत कई नेताओं के साथ मारपीट और अभद्रता की है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। वह मामले में कारवाई कराकर ही दम लेंगे।
बेईमानी बर्दाश्त नहीं करूंगा: सदर विधायक
सदर विधायक योगेश वर्मा का कहना है कि सहकारिता चुनाव को पार्टी के विधायक और जिलाध्यक्ष ही बेईमानी कराना चाहते हैं। न मैं गलत हूं और न बेईमान हूं, इसलिए विकास भवन में शनिवार रात जो क्षेत्रों को घटाने और बढ़ाने का कार्य अपर निबंधक सहकारिता की मिलीभगत से किया जा रहा था। सूचना मिलने पर उसे बर्दाश्त नहीं कर सका। निघासन विधायक के समर्थकों ने अभद्रता का प्रयास किया, जिसका मैने विरोध किया था। बेईमानी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करूंगा।
हर कोई जान रहा, ये सब कौन
करा रहा: निघासन विधायक
पूर्व सहकारिता मंत्री और निघासन विधायक रामकुमार वर्मा ने बताया की पूर्व जिलाध्यक्ष के साथ मारपीट की सूचना मिलने पर आया था, जिसके बाद विधायक फिर आ गए और उनसे भी भिड़ने को आमादा थे। सदर विधायक के व्यवहार से पार्टी के अनुशासन पर आज सवाल उठ रहे हैं। वह सांसद अजय मिश्र टेनी का नाम लिए बगैर कहते हैं कि अनुशासित कार्यकर्ता होने के कारण मामले में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन हर कोई जान रहा है कि ये सब कौन करा रहा है।
पार्टी की छवि बिगाड़ने वालों की बाबत
हाईकमान से बात करूंगा: जिलाध्यक्ष
भाजपा जिलाध्यक्ष शरद बाजपेई कहते हैं कि विकास भवन में सदर विधायक के बवाल करने की सूचना पर विकास भवन पहुंचा था, जहां दोबारा विधायक समर्थकों संग आ गए और सभी से अभद्रता करने लगे थे। फिलहाल, मामले में पूर्व जिलाध्यक्ष की ओर से तहरीर दी गई। प्रशासन सीसीटीवी से रिकार्ड निकालने आदि की मामले में कार्रवाई कर रहा है। सोमवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मामले में हाईकमान से बात करने लखनऊ जाऊंगा।