ममरी। मैलानी थाना क्षेत्र के अंबरपुर ईंट भट्टे पर गांव दूलीपुर के युवक की ईंट पाथते समय मिट्टी के ढेर में दबकर मौत हो गई थी। गुस्साए परिवारवालों ने ग्रामीणों के साथ रविवार को भट्ठे के सामने सड़क पर शव रखकर हंगामा किया और सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारी भट्ठा संचालक से मुआवजा दिलाने की मांग करने लगे। हंगामे की सूचना पर पहुंचे एसओ मैलानी ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कराने का आश्वासन दिया, तब जाकर ग्रामीण माने और पांच घंटे बाद यातायात सुचारू हो सका।
शनिवार को अंबरपुर स्थित ईंट भट्ठे पर ईंट की पथाई कर रहे गांव दूलीपुर निवासी युवक अवधेश कुमार(30) की भट्ठे पर ऊंचे लगे मिट्टी के ढेर के नीचे दबकर मौत हो गई थी। बताते हैं कि पहले तो भट्टा संचालक और मृतक के घर वालों के बीच समझौते का दौर चलता रहा, इसी कारण परिवार वालों ने पुलिस को सूचना देना और कोई कार्रवाई कराना उचित नहीं समझा। दोनों पक्षों में सहमति न बनने पर गुस्साए घरवालों ने गांव वालों के साथ रविवार को शव ईंट भट्ठे के सामने सड़क पर रखकर सड़क जाम कर दी और हंगामा करने लगे, जिससे रोड पर वाहनों की कतार लग गई। रोड जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ महेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक के पिता राजकुमार की तहरीर पर भट्टा संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, अवधेश की मौत से परिवार टूट गया है। अवधेश के माता-पिता, भाई, पत्नी और बच्ची का रो रोकर बुरा हाल है। छोटा पुत्र महेश, अवधेेश की पत्नी रुचि और चार वर्षीय दिव्यांग पुत्री सहित परिवार का भरण पोषण अवधेश की मजदूरी से चलता था।
मुआवजा देने को राजी नहीं हुआ भट्ठा संचालक
मृतक अवधेश कुमार के पिता राजकुमार, भाई महेश, पत्नी आदि परिवार वाले ईंट भट्टा संचालक से ढाई लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे थे। घरवालों को शनिवार को बात बनने की उम्मीद थीं, लेकिन भट्ठा संचालक मात्र 50 हजार देने को तैयार था।
एक वर्ष से भट्ठे पर लगे हैं मिट्टी के ऊंचे टीले
दूलीपुर स्थित ईंट भट्ठे पर पिछले वर्ष से 10 फुट तक ऊंचे मिट्टी के टीले लगे हैं। प्रशासन ने अवैध खनन पर रोक भी लगाई, सड़क किनारे भट्ठा होने के बावजूद किसी अधिकारी की मिट्टी के ढेर पर नजर नहीं गई, ऐसा हो नहीं सकता। भट्ठे पर काम करने वाले मजदूर बताते हैं कि उन्होंने भट्ठा संचालक से मिट्टी के ढेर से दूर ईंट पथाई का काम कराने की फरियाद भी की थी, लेकिन भट्ठा संचालक इस पर राजी नहीं हुए।