खीरी टाउन। मजदूरों और ठेकेदार के बीच पैसों के विवाद मामले में समझौता कराना ग्राम प्रधान सरखनापुर को महंगा पड़ गया। पंचायत के दौरान अभद्रता पर दौड़ाए गए सिपाही के मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार को प्रधान, उसके तीन पुत्र समेत सात लोगों को नामजद कर आठ अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर प्रधान और उसके तीनों पुत्रों को गिरफ्तार कर लिया। इससे ग्रामीण भड़क उठे। शुक्रवार की सुबह नाराज भारी संख्या में ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली से थाना पहुंचे और थाने का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। ग्रामीण ग्राम प्रधान और उसके पुत्रों को तत्काल छोड़ने और आरोपी सिपाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। हालांकि पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत करा दिया और चारों गिरफ्तार आरोपियों का चालान भेज दिया है।
थाना खीरी के गंव सरखनापुर के कुछ परिवार ईंट भट्टों पर पथाई का काम करते हैं। मजदूरों और ठेकादर के बीच पैसों को लेकर विवाद चल रहा था। 20 नवंबर को नगर पुलिस चौकी का एक सिपाही दलाल के साथ गांव पहुंचा। दलाल के अभद्रता करने पर लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी थी। ग्राम प्रधान ने दोनों पक्षों का कुछ देर बाद बुलाकर समझौता करा दिया। इस पर सिपाही नाराज हो गया था। उसने वहां अभद्रता शुरू कर दी थी। इस पर महिलाओं ने उसे भी दौड़ा लिया था। पुलिस ने इस मामले में बृहस्पतिवार को आरोपी सिपाही गजेंद्र की ओर से ग्राम प्रधान लियाकत, उसके पुत्र अररार, जोविद, खालिद, गांव के ही गुफरान, मुन्ना और नौशाद को नामजद कर आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा सहित अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली और रात में ही छापा मारकर प्रधान उसके तीनों पुत्रों को गिरफ्तार कर लिया। इससे लोग नाराज हो गए और थाने पहुंचकर घेराव किया। प्रभारी निरीक्षक ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया तब लोग शांत हुए। भीड़ के जाते ही पुलिस ने चारों आरोपियों का चालान कर दिया है।
सिपाही की ओर से प्रधान समेत सात लोगों को नामजद कर आठ अज्ञात के खिलाफ दर्ज की गई थी। प्रधान और उसके तीनों पुत्रों को गिरफ्तार कर चालान भेजा गया है। सिपाही पर लगे आरोपों की जांच कराई जा रही है। अगर आरोप सही मिलते हैं, तो कार्रवाई की जाएगी।
विपिन कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना खीरी।