लखीमपुर खीरी। तालाब को कब्जा मुक्त कराने में हल्का लेखपाल ने अपना खेल दिखा ही दिया। भूमाफिया के कब्जे वाली तालाब भूमि को बचाने के लिए एसडीएम को दो गाटा संख्या की जानकारी ही नहीं दी। एसडीएम ने भी खानापूरी करते हुए आननफानन में तालाब के एक हिस्से को खाली कराकर पूरे तालाब को कब्जा मुक्त मान लिया। तालाब के एक बड़े हिस्से पर अभी भी बड़े भूमाफिया की फसलें खड़ी हैं।
तहसील निघासन की ग्राम पंचायत भेड़ौरी के मजरा महाराजनगर में 38 एकड़ चार बीघा के विशाल तालाब पर हलका लेखपाल की साठगांठ से कई भूमाफिया ने उसे पाटकर कब्जा कर लिया और खेती कर रहे हैं। करीब डेढ़ दशक से हो रही खेती से भूमाफिया लाखों रुपया की फसल उगा चुके हैं। अमर उजाला द्वारा मामला उजागर करने पर डीएम ने सख्ती दिखाई, जिस पर एसडीएम ने बुधवार से कब्जा हटाने की कार्रवाई शुरू की।
एसडीएम को भेजी गई रिपोर्ट में तालाब के गाटा संख्या 25/2 (बड़ी भूहर) और 68/2 (छोटी भूहर) पर खड़ी फसल जुतवाकर कब्जा मुक्त कराने का दावा किया गया है, जबकि तालाब के जिस बड़े हिस्से पर बड़े भूमाफिया का कब्जा है उस हिस्से के गाटा संख्या 4/2 और 16/160 पर काबिज लोगों को चेतावनी तक नहीं दी गई है।
भूमाफिया के हवाले छोड़ा 8.7170 हेक्टयर तालाब
यह तालाब रनवास से लेकर महाराजनगर तक फैला है। 38 एकड़ चार बीघा का यह तालाब राजस्व अभिलेखों में चार गाटा संख्या में दर्ज है। इसमें से करीब नौ एकड़ तालाब से कब्जा हटाया जा चुका है, जबकि लेखपाल अनवर खां ने अपनी रिपोर्ट में पूरे तालाब को कब्जा मुक्त कराने का उल्लेख किया है। खास यह है कि करीब 17 एकड़ तालाब का जिक्र ही ही रिपोर्ट में नहीं किया गया है। तालाब के गाटा संख्या 25/2 पर पानी और जलकुंभी होने का उल्लेख किया है। लेखपाल ने अपनी रिपोर्ट में गाटा संख्या 4/2 रकवा 0.3560 और गाटा संख्या 16/160 रकबा 3.9330 का कोई जिक्र तक नहीं किया। इस तरह 15.6380 हेक्टयर तालाब से केवल 6.9210 हेक्टेयर तालाब खाली कराकर 8.7170 हेक्टयर तालाब को भूमाफिया के हवाले छोड़ दिया गया।
सवाल: जिम्मेदारों पर कब होगी कार्रवाई
डेढ़ दशक से तालाब पर कब्जा चला आ रहा है। इस दौरान कई हलका लेखपाल और ग्राम प्रधान, कानूनगो और अन्य राजस्व अधिकारी बदले हैं, लेकिन किसी का इस ओर ध्यान न दिया जाना किसी के गले नहीं उतर रहा। इतने बड़े तालाब पर कब्जे की जानकारी लेखपाल और प्रधान को न हो ऐसा संभव ही नहीं। इससे साबित होता है कि अवैध कब्जे में ग्राम प्रधानों और लेखपालों की संलिप्तता रही है। मामला उजागर होने पर तालाब से आंशिक कब्जा तो हटा दिया गया, लेकिन कब्जे के जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई की जा रही है। यह कोई अधिकारी बताने को तैयार नहीं है।
पूरे मामले को दिखवाया जा रहा है, यदि तालाब पर कोई कब्जा अभी भी है तो उसे हटवाया जाएगा। लेखपाल ने यदि कोई गड़बड़ी की है तो इसकी जांच होगी। दोषी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। अखिलेश यादव, एसडीएम निघासन