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15 प्रधानों और सचिवों से वसूले जाएंगे 19 लाख

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फ्रॉड - फोटो : pixabay
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छह पूर्व प्रधानों को नोटिस, डीएम ने आरसी भी जारी की
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ऑडिट टीम ने जताई छह ग्राम पंचायतों में सवा दो करोड़ की धांधली की आशंका

लखीमपुर खीरी। डीएम डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया ने पंचायत विभाग की ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण में पाई गई कमियों के संतोषजनक उत्तर न देने वाले 15 तत्कालीन प्रधानों से वसूली के लिए 19.31 लाख की आरसी (वसूली पत्र) जारी कर दी है। वहीं छह ग्राम पंचायतों के तत्कालीन प्रधानों को ऑडिट आपत्तियों के निस्तारण के लिए नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है। इन छह मामलों में कुल 2.24 करोड़ की धनराशि के हेरफेर की आशंका है।
डीएम ने बताया कि मुख्य लेखा परीक्षा सहकारी समितियां एवं पंचायतों द्वारा जिले की ग्राम पंचायतों द्वारा कराए गए कार्यों का बारीकी से वार्षिक प्रतिवेदन (ऑडिट) किया गया, जिसमें 15 ग्राम पंचायतों में धनराशि का गोलमाल मिलने पर संबंधित सचिवों व प्रधानों से साक्ष्यों सहित उनका पक्ष जानना चाहा। उत्तर न मिलने या संतोषजनक जवाब न होने पर संबंधित ग्राम प्रधानों व सचिवों को उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम 1947 की धारा 27 एवं नियम 256 के तहत गबन धनराशि के आधे-आधे भाग की वसूली भू राजस्व की भांति संबंधित ग्राम प्रधान एवं सचिव से किए जाने के आदेश पारित किए गए। वहीं छह ग्राम प्रधानों से ऑडिट में मिली कमियों के निस्तारण के लिए नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया गया है। डीएम ने बताया कि 19.31 लाख की वसूली की जाएगी।
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इन ग्राम प्रधानों और सचिवों को जारी हुई आरसी
तत्कालीन प्रधान फूलमती उर्फ नूरजहां व तत्कालीन सचिव लालाराम वर्मा ग्राम पंचायत रोशननगर, ब्लॉक कुंभी से 33,038 रुपये, तत्कालीन प्रधान राजेश कुमार व तत्कालीन सचिव नंदराम ग्राम पंचायत असौवा ब्लॉक बांकेगंज से 1,22,959 रुपये, तत्कालीन प्रधान श्रीपाल व तत्कालीन सचिव विवेकानंद शुक्ला ग्राम पंचायत बहारगंज ब्लॉक बाकेगंज से 7,490 रुपये, तत्कालीन प्रधान जोगेंद्र सिंह व तत्कालीन सचिव अशोक कुमार वर्मा ग्राम पंचायत बघोड़ा से 2,43,806 रुपये, तत्कालीन प्रधान विश्रामव तत्कालीन सचिव अशोक कुमार वर्मा, ग्राम पंचायत गोपालपुर ब्लॉक बांकेगंज से 1,29,629 रुपये, तत्कालीन प्रधान नजमा खान व तत्कालीन सचिव विवेकानंद शुक्ला ग्राम पंचायत पुनर्भूग्रंट, ब्लॉक बांकेगंज से 33,631 रुपये, तत्कालीन प्रधान सरोज यादव व तत्कालीन सचिव मोहनलाल शर्मा ग्राम पंचायत डालपुर ग्रंट ब्लॉक बांकेगंज से 30,570 रुपये, तत्कालीन प्रधान श्रीपाल व तत्कालीन सचिव विजय शर्मा ग्राम पंचायत भैठिया ब्लॉक बाकेगंज से 30,724 रुपये, तत्कालीन प्रधान राधेश्याम भार्गव व तत्कालीन सचिव मोहन लाल शर्मा ग्राम पंचायत सलावतनगर ब्लॉक बांकेगंज से 1,05,101 रुपये, तत्कालीन प्रधान महेश प्रसाद व तत्कालीन सचिव विवेकानंद शुक्लाग्राम पंचायत जमैयतपुर ब्लॉक बांकेगंज से 1,08,750 रुपये, तत्कालीन प्रधान अनीसा व तत्कालीन सचिव वीरेन्द्र कुमार भट्ट ग्राम पंचायत मुड़िया ब्लॉक मितौली से 19,750 रुपये, तत्कालीन प्रधान चंद्रेश्वर नारायन पांडेय व तत्कालीन सचिव वीरेंद्र कुमार भट्ट ग्राम पंचायत उमरपुर ब्लाक बेहजम से 48,300 रुपये, तत्कालीन प्रधान लीला देवी व तत्कालीन सचिव वीरेंद्र कुमार भट्ट ग्राम पंचायत कैमा बुजुर्ग ब्लॉक बेहजम से 18,500 रुपये, तत्कालीन प्रधान मालती प्रसाद व तत्कालीन सचिव बीरेंद्र कुमार शुक्ला ग्राम पंचायत मड़वा ब्लॉक ईसानगर से 7,430 रुपये, तत्कालीन प्रधान सुंदरलाल व तत्कालीन सचिव बीरेंद्र कुमार शुक्ला ग्राम पंचायत परसिया ब्लॉक ईसानगर से 25,738 रुपये।

छह ग्राम पंचायतों में 2.24 करोड़ के गोलमाल की आशंका

छह ग्राम पंचायतों में कुल 2.24 करोड़ की धनराशि सवालों के घेरे में है, जिसमें तत्कालीन प्रधान फूलमती निवासी ग्राम गिरधरपुर कॉलोनी ब्लॉक पलिया, तत्कालीन प्रधान रामसहाय पढुआ ब्लॉक पलिया, तत्कालीन प्रधान बालकराम ग्राम पचपेड़ा ब्लॉक पलिया, तत्कालीन प्रधान रुपेंद्र सिंह ग्राम मिर्चिया ब्लॉक पलिया, तत्कालीन प्रधान सुशीला देवी निवासी मुजहा ब्लॉक पलिया, तत्कालीन प्रधान रामसहाय निवासी धुसकिया ब्लॉक पलिया शामिल हैं। डीएम ने बताया कि इन छह ग्राम पंचायतों के तत्कालीन सचिवों को डीपीआरओ के स्तर से नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। यदि इन छह ग्राम पंचायतों के प्रधानों व सचिवों ने तय समय में संतोषजनक उत्तर नहीं दिया तो आरसी जारी करके वसूली कराई जाएगी।
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