पलियाकलां/निघासन। बनबसा बैराज से मंगलवार शाम करीब पांच बजे शारदा नदी में 1.91 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। शाम छह बजे तक बैराज का डिस्चार्ज 1,87,232 क्यूसेक था।
पलिया में शारदा नदी का जलस्तर 154.120 सेमी दर्ज हुआ, जबकि खतरे का निशान 154.590 सेमी है। इससे पलिया-भीरा और निघासन क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में बाढ़, जलभराव और कटान का खतरा बढ़ गया है।
देर रात तक जलस्तर बढ़ने की आशंका है। निघासन तहसील में ग्रंट नंबर 12 और उसके मजरा रंडौहा के अलावा दौलतापुर, खमरिया, बैलहा, लालपुर और लुधौरी समेत इनके मजरों में जलभराव की आशंका है। पहले से कटान की मार झेल रहे ग्रंट नंबर 12 के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक जलस्तर बढ़ने के साथ कटान का खतरा भी बढ़ जाता है।
एक सितंबर को भारी बारिश से कई ग्रामीण इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी रही। शारदा के बढ़ते जलस्तर का असर मैलानी-नानपारा रेलखंड पर भी पड़ा है। भीरा और पलिया के बीच रेलवे लाइन के नीचे पानी के रिसाव के चलते रेल सेवाएं बाधित हुई हैं। रेलवे विभाग ने मौके पर निगरानी बढ़ाई है।
प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी कर जलस्तर पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों से नदी के किनारे नहीं जाने और पानी बढ़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव की व्यवस्था की जाएगी।
जलभराव से विद्यालय भवन भी प्रभावित
शारदा के बढ़ते जलस्तर और कटान से क्षेत्र के विद्यालय भवन भी प्रभावित हुए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक एक उच्च प्राथमिक विद्यालय का भवन कटान की चपेट में आने के बाद लटक गया है। एक प्राथमिक विद्यालय का भवन भी आंशिक रूप से कट चुका है।
तहसीलदार देवेंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि शारदा नदी किनारे बसे गांवों को अलर्ट किया गया है। बनबसा बैराज से छोड़ा गया पानी देर रात तक तहसील क्षेत्र में पहुंचने की संभावना है। जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।