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घटतौली पर किसानों का हंगामा, तौल बंद कराई

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फरधान। हरगांव चीनी मिल के रुकुंदीपुर स्थित गन्ना क्रय केंद्र पर घटतौली पकड़े जाने पर किसानों ने जमकर हंगामा किया और तौल बंद करा दी। सूचना पर आनन-फानन में मिल अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसानों को किसी तरह समझाकर शांत कराया। मेकेनिक ने जांच के दौरान कांटे में कोई खामी नहीं पाई। इसके बाद पुन: तौल शुरू करा दी, लेकिन किसान अधिकारियों की बातों से संतुष्ट नहीं दिखे।
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बौनिया गांव निवासी किसान विजय वर्मा ने बताया कुछ दिनों से उन्हें घटतौली किए जाने का शक था। इसके चलते गुरुवार को मौर्या कंप्यूटराइज्ड धर्मकांटा पर अपनी गन्ना लदी ट्रॉली का वजन कराकर क्रय केंद्र पर पहुंचे, जहां तुलवाने पर वजन में एक क्विंटल का अंतर निकला। यह देखकर विजय भड़क गए और किसानों के साथ हंगामा करते हुए तौल बंद करा दी। सूचना पर चीनी मिल के डीजीएम संजीव राना मेकेनिक को लेकर मौके पर पहुंच गए और कांटे की जांच-पड़ताल कराई। लेकिन कांटे में उन्हें कोई खामी नहीं मिली। इसके बाद तौल शुरू करा दी। धर्मकांटे पर ट्रॉली सहित गन्ने का वजन 56.60 क्विंटल था, जबकि क्रय केंद्र कांटे के अनुसार 55.65 क्विंटल निकला। यानि दोनों कांटों की रीडिंग में 95 किलो का अंतर निकला। सवाल यह है मिल अधिकारी क्रय केंद्र के कांटे को सही बता रहे हैं, तो क्या धर्मकांटे में कमी है। कौन सा कांटा सही और कौन सा गलत है? इसका निर्णय तीसरे कांटे की रीडिंग से ही हो पाएगा। तौल लिपिक ललित यादव ने बताया कि मेरी तरफ से कांटे में कोई छेड़खानी नहीं की गई है। यहां मेरी नियुक्ति बुधवार को ही हुई है।

घटतौली के आरोप गलत हैं। कांटे में फाल्ट नहीं है। कांटे का एक पैरामीटर होता है। उसके अनुसार सरकारी मानक बांटों से कांटे को चेक करते हैं। मैने पांच क्विंटल के बांट कांटे पर गिरा कर चेक किया, तो वजन सही बताया। इससे कांटा गलत होने का सवाल ही नहीं उठता। धर्मकांटा के वजन से अंतर पर कहा कि उसमें कोई तकनीकी खराबी हो।
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संजीव राना, डीजीएम, हरगांव चीनी मिल
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