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बिहारी पुरवा में दिखा बाघ

Tue, 05 Jun 2018 01:05 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
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tiger
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 तालाब किनारे चरते समय जंगल से निकली बाघिन और शावक ने सोमवार दोपहर एक गाय पर हमला कर मार डाला। ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग सहित ग्राम प्रधान को दी है।
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बांकेगंज कस्बा से सात किलोमीटर दूर स्थिति हरदुआ पंचायत के गांव हरदुआ निवासी राजाराम साथियों के साथ जटपुरा बीट के चपरतला इलाके में गाय को चराने गया था। इस दौरान पनसब्बी बीट जंगल से निकली बाघिन ने गाय पर हमला कर उसे मार डाला। बाघिन के साथ मौजूद शावक गाय को जंगल में घसीटकर ले जाने के बाद मां के आने का इंतजार करता रहा। चरवाहों के शोर मचाने के बावजूद बाघिन वहीं खड़ी रही। राजाराम के संग पशु चराने गए ग्रामीण रामप्रसाद और बनवारी ने बताया कि बाघिन के दहाड़ने की आवाज सुनकर जंगल में खड़ा शावक भी तेज चाल से जब बाहर की ओर आने लगा तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने किसी तरह वहां से भागकर जान बचाई। ग्रामीणों ने सूचना जटपुरा फारेस्टर मोहम्मद उमर, सुखपाल सिंह सहित ग्राम प्रधान रामकिशुन को दी है। गार्ड सुखपाल सिंह ने हरदुआ गांव के निकट जंगल और चपरतला तालाब से सटी पनसब्बी बीट के कंपार्टमेंट नौ और दस में बाघिन और शावक की मौजूदगी की पुष्टि है। उधर हरदुआ प्रधान राम किशुन ने बताया कि बाघिन के हमले से गाय की हुई मौत से लोगों में दहशत है।

सूचना मिली है। बफरजोन जटपुरा बीट के पनसब्बी इलाके में बाघ, बाघिन और शावकों का मूवमेंट है। ग्रामीणों को सलाह है कि फिलहाल सतर्कता बरतें। बाघ हमलों से बचाव के लिए न खुद जंगल जाएं औन न पशुओं को चराने ले जाएं। वन कर्मियों को बाघिन और शावक की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।
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- प्रखर मिश्र, प्रशिक्षु (आईएफएस), वन क्षेत्राधिकारी, मैलानी रेंज, बफरजोन


बिहारीपुरवा में दिखा बाघ, दहशत
निघासन। लुधौरी के मजरा बिहारीपुरवा में बाघ देखे जाने से ग्रामीणों में दहशत है। उधर गन्ना सर्वे कर रहे सुपरवाइजर को गांव जोखीपुरवा में बाघ के पदचिह्न दिखाई दिए। इसके बाद ग्रामीणों ने गन्ना सर्वे कराने के लिए खेत में जाने से इंकार कर दिया। उधर वनविभाग ने बाघ के पदचिह्न होने से इंकार किया है।
गांव बिहारीपुरवा निवासी गोबरे लाल मौर्य ने बताया कि गांव के उत्तर तरफ गन्नें का खेत है। सोमवार सुबह वह खेत गए थे। उन्होंने देखा कि उत्तर की ओर से रास्ते पर बाघ खड़ा था। उसे देखकर वह शोर मचाते हुए भागे। शोर सुनकर बिहारीपुरवा, अंबरपुरवा और रानीगंज आदि गांव के ग्रामीण आ गए, लेकिन बाघ का पता नहीं चला। सूचना पर वनविभाग के शिव बाबू सरोज, राकेश गुप्ता, मनोज यादव आदि गांव पहुंचे। उन्होंने बाघ की लोकेशन ली, लेकिन उसका पता नहीं चला।
उधर गांव जोखीपुरवा में गन्ना सुपरवाइजर अशोक सिंह गन्ना सर्वे करने के लिए गए थे। गांव निवासी जयप्रकाश और छन्नू के खेत में गन्ना सर्वे कराने के लिए गए थे। गन्नें के बाहर मेड़ पर बाघ के पदचिह्न देखे गए। इससे घबरा कर वह लोग गन्ना सर्वे छोड़कर चले आए। गन्ना सुपरवाइजर ने किसानों को सर्वे कराने के लिए मनाया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। उधर रेंजर पलटू राम राना ने बताया कि बाघ के पदचिह्न गांव बिहारी पुरवा में नहीं मिले हैं। फिर भी निगरानी के लिए टीम लगाई गई है।
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