लखीमपुर खीरी। जिले में डेंगू और अन्य वेक्टर जनित रोगों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 175 गांवों और मोहल्लों को संवेदनशील और अति संवेदनशील श्रेणी में चिह्नित किया है। इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर जागरूकता, फॉगिंग और दवा छिड़काव कराया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के साथ पंचायती राज, नगर विकास, शिक्षा, पशुपालन और उद्यान विभाग भी अभियान में शामिल हैं। विभागों को इन गांवों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्ष 2021 में डेंगू के 58 मरीज मिले थे। 2022 में यह संख्या बढ़कर 85, वर्ष 2023 में 179 और 2024 में 305 तक पहुंच गई थी। हालांकि 2025 में विभागीय प्रयासों के बाद यह संख्या घटकर 68 रह गई। वर्ष 2026 में अब तक डेंगू के दो मरीज सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने नकहा, मोहम्मदी, पलिया, लखीमपुर नगर, फूलबेहड़, निघासन, धौरहरा, कुंभी, पसगवां और बिजुआ समेत कई विकास खंडों के करीब 175 गांवों और मोहल्लों को संवेदनशील श्रेणी में रखा है। इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।
जिला मलेरिया अधिकारी हरीशंकर ने बताया कि चिन्हित गांवों में लोगों को जागरूक करने के साथ साफ-सफाई, दवा छिड़काव और फॉगिंग कराई जा रही है।