पलियाकलां। किशनपुर सेंक्चुरी से सटे चलतुआ गांव में एक ग्रामीण की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने हमला कर बाघ को मार डाला था, लेकिन यह बाघ नहीं बाघिन थी। सोमवार को उसका दुधवा मुख्यालय पर पोस्टमार्टम किया गया। जिसमें उसके बाघिन होने की पुष्टि हुई। पहले इसे पोस्टमार्टम के लिए बरेली ले जाना तय हुआ था लेकिन बाद में यहीं पर इसके पोस्टमार्टम की तैयारियां शुरू की गईं। आईवीआरआई बरेली से आए चिकित्सक के साथ ही तीन डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया तो बाघ की जगह बाघिन होना बताया। पोस्टमार्टम में इंजरी से बाघिन की मौत होना बताया जा रहा है। पीएम के दौरान अधिकारियों का जमावड़ा लगा रहा।
बता दें कि किशनपुर सेंक्चुरी के चलतुआ गांव में ग्रामीणों द्वारा हमला कर एक बाघ को मारने की बात कही जा रही थी। इसे ग्रामीणों ने कोर जोन में मारा था। इसके बाद शव को कब्जे में लिया गया। मामला पीलीभीत और दुधवा टाइगर रिजर्व की सीमा का था। आईवीआरआई बरेली से आए चिकित्सक डॉ. करीकरन, लखनऊ के डॉ. उत्कर्ष शुक्ला, डब्ल्यूटीआई के डॉ. दक्ष गंगवार, डॉ. जेबी सिंह के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। जिसमें बाघिन होने की पुष्टि हुई और इंजरी होने से उसकी मौत होना बताया जा रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक साइड के कुछ दांत भी टूटे हुए हैं और गंभीर चोटें आई हैं। पोस्टमार्टम के दौरान पीसीसीएफ के प्रतिनिधि के तौर पर पीलीभीत टाइगर रिजर्व के एफडी एस राजा मोहन, एनटीसीए के प्रतिनिधि के तौर पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के डॉ. मुदित गुप्ता, एफडी रमेश कुमार पांडेय, डीडी महावीर कौजलगि आदि मौजूद रहे।
लगभग पांच साल की थी बाघिन
पीएम रिपोर्ट में पता चला कि मृत बाघिन की उम्र करीब पांच से साढ़े पांच साल थी। वह पूरी तरह हृष्टपुष्ट थी। भारी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ ही उसे मार सकती थी।
विसरा प्रिजर्व, बरेली भेजा गया
बाघिन के स्वास्थ्य सहित अन्य जानकारियों प्राप्त करने के लिए उसका विसरा प्रिजर्व कर लिया गया है। जिसको बरेली आईवीआरआई भेजा गया है।
पीएम के बाद शव को जलाया गया
डीडी महावीर कौजलगि ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद सक्षम अधिकारियों की मौजूदगी में बाघिन के शव को जला दिया गया है। एनटीसीए की गाइडलाइन के अनुसार जलाया गया है।
ग्रामीणों के हमले में मृत बाघिन है। उसका पीएम हो गया है जिसमें इंजरी से उसकी मौत स्पष्ट हो रही है, बाकी की जानकारी के लिए विसरा बरेली भेजा गया है।
- महावीर कौजलगि, डीडी, दुधवा टाइगर रिजर्व