बीएसएनएल की सभी सेवाएं शनिवार को ध्वस्त हो गईं। ब्राडबैंड ठप हो गए और सेलफोन से सिग्नल गायब हो गए। लोगों के सीयूजी नंबर भी नहीं चले जिससे सरकारी महकमों का काम भी प्रभावित हुआ। दस बजे बैंक खुले तो सर्वर डाउन होने के कारण भीड़ लग गई। वहीं एनआईसी, आधार केन्द्रों, लोकवाणी केन्द्रों के अलावा प्राइवेट इंटरनेट सेवा देने वालों के यहां भी काम रुक गया। बैंकों में जहां कामकाज प्रभावित रहा, वहीं डाकघर में कोई काम नहीं हो सका। इससे अफरातफरी का माहौल रहा। खास बात यह रही कि बीएसएनएल का कोई भी अधिकारी यह नहीं बता पा रहा था कि क्या खराबी आई है और सेवाएं कब तक बहाल होंगी।
कब क्या हुआ
सुबह 07 बजे: बीएसएनल का नेटवर्क और ब्राडबैंड हुआ ठप
10 बजे: दफ्तर खुले तो नहीं हो सका कार्य
12 बजे: बीएसएनएल दफ्तर के फोन हुए बंद
02 बजे: अधिकारी नहीं बता पाए वजह
03 बजे: मोबाइल में सिग्नल आ गए
06 बजे: ब्राडबैंड सेवा हुई बहाल
आठ घंटे बाद पता चला कि फोरलेन निर्माण में कट गई केबिल
बीएसएनएल के अधिकारी सुबह से नहीं बता पाए कि नेटवर्क ठप होने की वजह क्या है। आठ घंटे में एक अधिकारी ने नाम न छापने की बात कहते हुए फोरलेन निर्माण में केबिल कटने की वजह बताई। वहीं दूरसंचार जिला प्रबंधक का सेलफोन दोपहर तक तो लगा नहीं और करीब पांच बजे के बाद व्यवस्था सुचारु होने पर फोन उठाया गया।
सीयूजी नंबर हुए बंद, नहीं मिलीं सूचनाएं
बीएसएनएल का नेटवर्क गायब हुआ तो पुलिस विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों के सेलफोन भी शोपीस हो गए। इसका असर सबसे ज्यादा पुलिस महकमे पर पड़ा। लोग अपराधों की सूचना तक पुलिस को नहीं दे पाए, वहीं अधिकारियों को भी सूचनाएं नहीं मिल पाईं।
सुबह से लेकर दोपहर तक यह पता नहीं लगा कि किस वजह से नेटवर्क गायब हुआ है। कई टीमें लगाने के बाद केबिल कटने की जानकारी मिली। शीघ्रता से काम कराकर शाम करीब पौने छह बजे सेवाएं बहाल हो सकीं।
-अश्विनी कुमार, जिला प्रबंधक-बीएसएनएल
बीएसएनएल नेटवर्क फेल
बांकेगंज। कस्बा में शनिवार सारे दिन बीएसएनएल नेटवर्क बाधित रहा। जिसके चलते प्री, पोस्टपेड और ब्राडबैंड कनेक्शन धारकों को परेशानियां उठानी पड़ी। लोगों ने विभागीय अधिकारियों ने व्यवस्था में सुधार की मांग की है।