सरकारी गेहूं खरीद के लिए एजेंसियों ने बैनर और कांटा टांगकर क्रय केन्द्र स्थापित कर दिए हैं, लेकिन पहले दिन कहीं भी गेहूं खरीद नहीं हुई। पहला दिन होने के चलते ज्यादातर क्रय केन्द्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। कुछ क्रय केन्द्रों पर बोरे नहीं पहुंचे थे और गेहूं उतारकर तोल कराने के लिए श्रमिक भी कहीं नजर नहीं आए। कुछ जगहों पर मात्र बैनर टांग कर खानापूर्ति कर दी गई।
किसानों से गेहूं खरीदने के लिए जिले भर में 151 क्रय केन्द्र बनाए गए हैं, जिसमें मंडी राजापुर में पांच क्रय केन्द्र खोले गए हैं। सोमवार को विपणन शाखा के दो, एफसीआई का एक और पीसीयू का एक केन्द्र खोला गया, जबकि क्रय विक्रय का केंद्र नहीं खोला जा सका। लखीमपुर द्वितीय की केंद्र प्रभारी सोनम सिंह ने बताया कि गेहूं खरीदने के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। पहले दिन कुछ किसान सिर्फ जानकारी करने आए थे, जो कुछ दिन बाद गेहूं लेकर आएंगे।
लखीमपुर प्रथम के केंद्र प्रभारी दिव्यांशू सिंह ने बताया कि क्रय केन्द्र की लोकेशन सही नहीं है, जिसे बदलकर दूसरे स्थान पर खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। एफसीआई के केन्द्र प्रभारी पवन सिंह ने बताया कि 24 मार्च को दुकान के लिए आवेदन किया था, लेकिन अब तक दुकान नहीं मिल सकी है। सिर्फ चबूतरे पर ही खरीद के इंतजाम किए गए हैं, जिससे रात में इलेक्ट्रानिक कांटा, बारदाना आदि सुरक्षित रखना समस्या बना हुआ है।
मानक का गेहूं नहीं आने से खरीद निल
गोला गोकर्णनाथ। मंडी समिति परिसर और क्षेत्र में क्रय केन्द्र तो खुल गए हैं, लेकिन मानक के अनुसार गेहूं की आवक न होने से सेंटरों पर सन्नाटा पसरा रहा। इससे पहले दिन खरीददारी निल रही। सचिव ब्रजभान सिंह ने बताया कि मंडी परिसर में विपणन शाखा के दो, पीसीएफ के चार, कर्मचारी कल्याण निगम के दो, एसएफसी और एफसीआई का एक-एक सेंटर सहित तहसील क्षेत्र में कुल 28 क्रय केन्द्र खोले गए हैं। सभी को बारदाना, कांटा, पंखा, छलना आदि उपलब्ध करा दिया गया है। गेहूं खरीद के लिए नमी का न्यूनतम मानक 12 प्रतिशत निर्धारित है। केंद्र प्रभारियों हृदयनरायन पांडे, धर्मराज, निधि श्रीवास्तव, विरासत खान की मानें तो अभी गेहूं में मानक से ज्यादा नमी है। इसलिए गेहूं की आवक न होने से इन केन्द्रों पर सन्नाटा पसरा है। गेहूं बेचने के लिए किसान को पहले अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा, उसके बाद रसीद के साथ खतौनी, आधार कार्ड और बैंक पास बुक की फोटो कापी लेकर आना अनिवार्य है।
क्रय केन्द्र खुलना तो दूर सूची तक नहीं पहुंची तहसील
धौरहरा। तहसील क्षेत्र में कहीं भी कोई गेहूं क्रय केन्द्र खोला नहीं जा सका है। यहां तक एसडीएम कार्यालय पर क्रय केन्द्रों की सूची भी उपलब्ध नहीं कराई गई है। एसडीएम घनश्याम त्रिपाठी ने बताया तहसील क्षेत्र में कहां गेहूं क्रय केन्द्र खुलने हैं, इसकी सूची अभी विपणन विभाग ने उपलब्ध नहीं कराई है।
मैलानी में नहीं शुरू हुई गेहूं खरीद
मैैलानी। सरकार की गेहूं खरीद योजना पहले दिन फ्लाप रही। यहां पलिया रोड पर बंद पड़ी एक राइस मिल के गेट पर विपणन विभाग का बैनर तो टंगा है, लेकिन वहां कोई केंद्र प्रभारी तैनात नहीं है और न ही कोई किसान मिला। अलबत्ता कुछ मजदूर ग्राउंड साफ करते दिखे, जिससे लोगों को पता चले कि गेहूं खरीद की तैयारी हो रही है।
क्रय केन्द्र पर बैनर लगा, पर शुरू नहीं हुई खरीद
मोहम्मदी। मोहम्मदी तहसील में क्रय केंद्रों पर केवल बैनर टंगा है। कांटा, बारदाना और पैसा अभी कुछ नहीं मिला है। पीसीएफ का एक क्रय केंद्र खुला है, जिस पर केवल बैनर टंगा है। प्रभारी पीएन सक्सेना ने बताया कि अभी क्रय केंद्र पर कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि किसान को गेहूं उतरवाई और छनाई के एवज में 10 रुपये प्रति क्विंटल की दर से पहले नकद भुगतान श्रमिकों को करना पड़ेगा। बाद में किसान को 1745 रुपये की दर से उसके खाते में भुगतान किया जाएगा।
एक क्रय केन्द्र खुला
बांकेगंज।
गोला-कुकरा रोड पर एसएफसी ने क्रय केन्द्र खोला है। सोमवार को बैनर, इलेक्ट्रिक कांटा और अन्य जरूरी सामान केंद्र पर रखा हुआ था। पूरी तैयारियों के बावजूद कोई किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंचा। केन्द्र प्रभारी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि किसानों के बैंक खातों में आरटीजीएस के जरिए भुगतान किया जाएगा।
अमीरनगर। क्षेत्र के क्रय केन्द्रों पर सोमवार को तोल शुरू नहीं हुई। किसानों का गेहूं तेजी के साथ कटकर मंडी जाना शुरू हो गया है। रसूलपुर निवासी किसान राशिद खान, तौहीद खान, बलविंदर सिंह, दीदार सिंह का कहना है अभी केंद्रों पर गेहूं की तौल शुरू नहीं हुई है, मजबूरन मंडी में गेहूं भेजना पड़ रहा है। इस बार क्षेत्र में किसान सेवा सहकारी समिति बस्तौली, सहकारी संघ अमीरनगर, सहकारी समिति अमीरनगर और गरदहा में गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं।
ज्यादातर जगहों पर क्रय केंद्र खुल गए हैं। अभी गेहूं की आवक शुरू नहीं हुई है, जिससे पहले दिन खरीद नहीं की जा सकी है। जिन केन्द्रों पर व्यवस्थाएं अपूर्ण है, उन एजेंसियों के प्रबंधकों को तुरंत व्यवस्था कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- कौशल देव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी