दलित एक्ट को पूर्ववत लागू करने की मांग को लेकर दलित संगठनों के आह्वान पर भारत बंद का आह्वान लखीमपुर में बेअसर रहा। लखीमपुर में सोमवार को साप्ताहिक बंदी थी, जिसके चलते बाजार बंद रहा, लेकिन सोमवार को लगने वाली फुटपाथी बाजार हमेशा की तरह इस बार भी सजी। दलित संगठनों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अंबेडकर पार्क में धरना प्रदर्शन किया। बाद में जुलूस निकालकर प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन भी डीएम को सौंपा।
दलित संगठनों के आह्वान पर भारत बंद जिले में बेअसर दिखा। एक तो सोमवार को लखीमपुर में साप्ताहिक बंदी होती है, जिसके चलते बाजार बंद थी, लेकिन सोमवार के दिन फुटपाथ पर सजने वाली दुकानें हमेशा की तरह सजी रहीं। लोगों ने खरीदारी भी की। इसके अलावा रेस्टोरेंट, चाय और खान पान की दुकानें भी खुली रहीं। बंदी का कोई असर न होने से जनसामान्य पर कोई असर नहीं पड़ा। जिले के ग्रामीण क्षेत्र में भी असर नहीं दिखा।
दलित संगठनों का आरोप है कि भारत सरकार की लचर पैरवी के कारण सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट को निष्प्रभावी कर दिया है। इसी के विरोधस्वरूप दलित संगठनों ने दो अप्रैल को भारत बंदी का आह्वान किया था। महादलित परिसंघ के राष्ट्रीय महासचिव चंदन लाल वाल्मीकि ने अंबेडकर पार्क में आयोजित धरना सभा में कहा कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सही पैरवी नहीं की इसी वजह से सुप्रीम कोर्ट की तरफ से दलितों और आदिवासियों के उत्पीड़न पर सीधे गिरफ्तारी और मुकदमा दर्ज करने पर रोक लगा दी है। इस निर्णय से दलित एक्ट को निष्प्रभावी कर दिया गया है।
जेके राज एडवोकेट ने कहा कि सिविल अधिकार एक्ट 1955 को लागू करते समय संसद में आकलन किया गया कि बाद में अपराधों को रोकने के लिए विशेष अधिनियम पीओए एक्ट 1989 के रूप में सामने आया। डॉ. भीमराव अंबेडकर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य परिक्रमा प्रसाद ने कहा कि दलितों और आदिवासियों से पहले ही अत्याचार हो रहे हैं। भारत सरकार को सुप्रीम कोर्ट में ऐसे मामलों में गंभीरता से पैरवी करनी चाहिए थी।
धरना सभा को श्रीराम दलित, राजेश वाल्मीकि, नीरज बौद्ध, भोगनाथ पुष्कर, श्याम किशोर बेचैन, अयोध्या प्रसाद, अनुज कुमार, बाबा ब्रह्म शरण वाल्मीकि, सुरेंद्र शरण, अशोक वाल्मीकि, एसके नीरज, शिवराम गौतम, विमल राज, सिद्धार्थ, सुधीर भारती, सुधीर वाल्मीकि, धीरेंद्र वाल्मीकि, जगमोहन वाल्मीकि, धर्मेंद्र वाल्मीकि, वीरू वाल्मीकि आदि लोगों ने संबोधित किया।
गोला में एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
गोला गोकर्णनाथ। नगर के मिशन सुरक्षा परिषद, भारतीय रिपब्लिकन पार्टी और वकीलों ने राष्ट्रपति को संबोधित एसडीएम पल्लवी मिश्रा को दिए ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एससीएसटी एक्ट में किए गए संशोधन को वापस लेने की मांग की है। इस मौके पर छत्रपाल, सूरज प्रसाद, मूलचंद गौतम, अजीत कुमार, हंसराम, सुनील कुमार गौतम, विवेक गौतम, रमाकांत चौधरी आदि मौजूद रहे।
पलिया में भाकपा ने किया विरोध प्रदर्शन
पलियाकलां। भाकपा माले नेता कमलेश राय के नेतृत्व में दर्जनों दलित ग्रामीण तहसील पहुंचे। यहां उन्होंने एससीएसटी एक्ट संशोधन के विरोध में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम इन्द्राकांत द्विवेदी को सौंपा। ज्ञापन देने वालों में रामनाथ, बृजराज, फैजदार, रामायन, गौरीशंकर, राम प्रसाद आदि शामिल रहे।
निघासन। अनुसूचित जाति के लोगों ने एसडीएम अखिलेश यादव को संबोधित ज्ञापन राज्यपाल को सौंपा। इस दौरान प्रमोद गौतम, रामप्रसाद, दरबारी लाल, दीपू कनौजिया, कैलाश, महेश कनौजिया, पूर्व प्रधान सोबरन लाल आदि मौजूद रहे।
मोहम्मदी में रैली निकली, ज्ञापन सौंपा
मोहम्मदी। देश के तमाम दलित संगठनों के आह्वान पर मोहम्मदी में भी भारत बंद का समर्थन करते हुए संयुक्त दलित सामाजिक संगठनों की ओर से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम मोहम्मदी को सौंपा। ज्ञापन में अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 को पूर्व की भंति पुन: लागू करने की मांग की गई। दलित संगठनों ने एक जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और एक ज्ञापन एसडीएम डॉ. अरुण कुमार सिंह को सौंपा। इस मौके पर संघपाल जौहर, रामनाथ गौतम, केएल शास्त्री, जगदीश भारती, तिलकराम, रजनीश, रवींद्र आदि मौजूद रहे।
मैलानी में जुलूस निकाला, जाम लगाया
मैलानी। अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम को पूर्ववत पुन: लागू करने की मांग को लेकर अंबेडकर प्रचार समिति के बैनर तले यहां अनुसूचित जाति जनजाति केे लोगों ने जुलूस निकालकर बाईपास पर आंशिक रोड जाम कर राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन एसओ को दिया। प्रदर्शन में नगर पंचायत अध्यक्ष पति देवेंद्र पताप, प्रधान शंकर लाल, डॉ0 महेंद्र, विश्वनाथ, राम किशुन, उदयभान, प्रदीप सेन, ओम प्रकाश, रघुवर दयाल, श्रीकिशन, सुभाष भारती, अर्जुन वाल्मीकि, अनूप कुमार आदि मौजूद रहे।
पीलीभीत-बस्ती हाईवे पर किया प्रदर्शन
खमरिया। दलित समाज ने पीलीभीत बस्ती हाईवे पर बसढ़िया चौराहे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान मेड़ई लाल भार्गव, डॉ. विनोद चौधरी, बाबूराम हंस, राजू गौतम, जगतपाल भारती, ऋषि राज लालजी गौतम, रामप्रताप भार्गव, हरिनाम गौतम, उदय प्रताप लेखपाल, रामनरेश भार्गव आदि मौजूद रहे।