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जिले में 150 स्कूली भवन गिरताऊ

Fri, 15 May 2015 07:15 PM IST
लखीमपुर खीरी
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भूकंप के खतरे को देखते हुए जिला खीरी भी जोन फोर में आता है। दो बार भूूकंप के तीव्र झटकों ने प्रशासन सहित शिक्षाविभाग के अफसराों  की नींद उड़ा दी है। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि इस खतरे की जद में जिले के हजारों की संख्या में नौनिहाल हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बीएसए ने सभी बीईओ और ग्राम प्रधानों से आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर जर्जर भवन ध्वस्त कराने को कहा है।
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जिले में लगभग 2723 प्राथमिक और 1140 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें विभिन्न विकास खंडों में लगभग 150 ऐसे विद्यालय हैं जो काफी पुराने और जर्जर हालत में है हालांकि इन जर्जर भवनों में शिक्षण कार्य नहीं होता है लेकिन भूकंप को देखते हुए यह भवन फिर भी बच्चों के लिए खतरा बने हुए हैं। ऐसा इसलिए है कि अधिकतर जर्जर भवन विद्यालय परिसर में ही हैं। मध्याह्न अवकाश के समय बच्चे इन्हीं भवनों के आसपास खेलते हैं ऐसे में भूकंप आने की स्थिति में यह भवन गिर सकते हैं और बच्चे इसकी चपेट आ सकते हैं। नए शिक्षण सत्र की शुरुआत से पहले डीएम ने आरईएस और लोक निर्माण विभाग के माध्यम से स्कूलों में सर्वे कराया था। जिले में 150 स्कूल भवन गिरताऊ हैं। भूकंप के झटकों के बाद प्रशासन इसक ो लेकर चौकन्ना हुआ है। शहर में ईदगाह विद्यालय परिसर में जर्जर भवन हैं, इसके अलावा इमली चौराहा स्थित समाज कल्याण का स्कूल भी अत्यंत जर्जर हालत में है। बीएसए ने बताया कि ईदगाह प्राइमरी स्कूल में जर्जर भवन है उसे भी गिरवाने के लिए बीईओ को कहा है। इसके अलावा प्रत्येक विकास खंड में लगभग एक दर्जन से अधिक भवन गिरताऊ हैं।
बांकेगंज। क्षेत्र में पहाड़पुर, पहाड़ नगर, मैलानी प्रथम, छेदीपुर, लक्ष्मीपुर, खुटार, कुसमी कॉलोनी, शिवपुर सांडा, हरैया, कुसतौरी, छत्तीपुर, महुरेना, बांकेगंज द्वितीय, शंकरपुर, कालीचरनपुर सहित लगभग 15 स्कूल भवन जर्जर और गिरताऊ हैं हालांकि इन स्कूलों में बच्चे पठन-पाठन का कार्य नहीं करते, बावजूद इसके भूकंप की स्थिति में यहां पढ़ने वाले बच्चों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है।
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बीएसए डॉ. ओपी राय के अनुसार जिले में लगभग 150 विद्यालय भवन जर्जर एवं गिरताऊ हैं। हालांकि इनमें बच्चे नहीं बैठते हैं लेकिन फिर भी किसी प्रकार के खतरे को देखते हुए सभी ग्राम प्रधानों को पत्र भेजा गया है कि वे लोग आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर भवनों का निस्तारण कराएं।
आपदा प्रबंधन के लिए तैयार हो रहे ट्रेनर
बीएसए खीरी डॉ.ओपी राय  ने बताया कि बाढ़ और भूकंप को देखते हुए जिले में आपदा प्रबंधन को लेकर कार्य हो रहा है इसके तहत जिले में 150 स्कूलों के अध्यापकों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण जिला प्रशासन दे रहा है। इसके लिए विशेष रूप से मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं जो भूकंप की स्थिति में बच्चों को बचने के उपाय बताएंगे। इसके लिए चिह्नित स्कूलों में मॉक ड्रिल भी कराई जाएगी।
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