शहर में घरेलू बिजली कनेक्शनों के आईडीएफ बिलों में हो रही घपलेबाजी का एक और मामला सामने आया है। प्राइवेट कंपनी के मीटर रीडर ने राजगढ़ मोहल्ले में एक महीने का बिजली बिल 77 हजार रुपये निकाल दिया है। कई दिनों तक बिजली दफ्तर के चक्कर काटने के बावजूद अभी तक बिल दुरुस्त नहीं किया गया है।
राजगढ़ निवासी नीरज मिश्रा का कहना है कि उनके यहां फरवरी माह का बिजली बिल 772 आया था, जिसे उन्होंने जमा कर दिया था। उसके बाद मार्च महीने में 77,359 रुपये का बिजली बिल आ गया। जबकि दोनों महीनों में औसतन एक समान बिजली खर्च हुई है। नीरज ने बिल सही कराने के लिए खंड कार्यालय से लेकर एसडीओ कार्यालय तक के कई चक्कर लगाए, लेकिन अभी तक बिल ठीक नहीं किया गया है। नीरज की तरह ही शहर के तमाम उपभोक्ता बढ़े हुए बिलों को लेकर अधिकारियों के पास दौड़ रहे हैं। वहीं अधिकारियों का कहना है कि मीटर रीडर घर बैठे बिल बना रहे हैं, इससे दिक्कत आ रही है।