निघासन। सोमवार को तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम दुर्गाशक्ति नागपाल, विधायक शशांक वर्मा और एसपी संकल्प शर्मा की मौजूदगी में जनशिकायतों का अंबार लग गया। यहां कुल 147 शिकायतें आईं, जिसमें निस्तारण मात्र 11 का ही हो सका। इसमें भी डीएम के समय से न पहुुंच पाने के कारण अधिकांश फरियादियों को मायूसी हाथ लगी।
यहां संपूर्ण समाधान दिवस तय समय पर शुरू नहीं हो सका। हालांकि फरियादी सुबह से ही अपनी समस्याएं लेकर तहसील सभागार पहुंच गए थे, लेकिन डीएम के देर से पहुंचने से उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा। डीएम को यहां सुबह 10 बजे पहुंचना था, लेकिन वह पूर्वाह्न करीब 11:41 बजे पहुंचीं।
संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 147 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 11 का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। सर्वाधिक 89 मामले राजस्व विभाग से जुड़े रहे। इसके अलावा पुलिस के 29, विकास विभाग के 10, सिंचाई विभाग के चार, आपूर्ति से तीन और वन, नगर निकाय, विद्युत और बैंक से दो-दो शिकायती पत्र प्राप्त हुए। जल निगम, उपनिबंधक, पंचायती राज, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से एक-एक शिकायती पत्र आया।
फूट-फूट कर रोया फरियादी
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उस समय भावुक क्षण देखने को मिले जब बरोठा गांव निवासी शहनूर पुत्र मुख्तियार अपनी पीड़ा लेकर जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल के समक्ष पहुंचा। शहनूर ने कानूनगो शशि प्रकाश तोमर पर भूमि की गलत नपाई का आरोप लगाते हुए डीएम को प्रार्थना पत्र सौंपा। प्रार्थना पत्र देते ही शहनूर भावुक हो गया और फूट-फूट कर रोने लगा। उसकी हालत देखकर डीएम ने उसे शांत होने तक बाहर जाने को कहा। इसके बाद उपजिलाधिकारी राजीव निगम ने फरियादी को पानी पिलाया और उसकी समस्या सुनी। एसडीएम ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शहनूर की शिकायत का तत्काल संज्ञान लेकर नियमानुसार समाधान सुनिश्चित किया जाए।
लाभार्थियों को सौंपी आवास की चाबी
कार्यक्रम के दौरान डीएम दुर्गाशक्ति नागपाल, विधायक शशांक वर्मा और एसपी संकल्प शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पांच लाभार्थियों को उनके घरों की चाबियां सौंपीं। लाभार्थियों में रीता यादव, किस्मत जहां, तसलेमा खातून, माया देवी और शांति देवी शामिल रहीं। इसी के साथ उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की टूल किट योजना के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के लिए वंदना और आरती को निशुल्क दोना-पत्तल मशीनें दी गईं। इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत में डीएम ने एसडीएम राजीव कुमार निगम के साथ तहसील परिसर स्थित पौध वाटिका में सिंदूर का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
तीन शिकायतों का ही हो सका निस्तारण
पलियाकलां। तहसील में सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न विभागों की 19 शिकायतें आईं। इनमें से केवल तीन शिकायतों का ही निस्तारण हो सका। समाधान दिवस एसडीएम रत्नाकर मिश्रा की अध्यक्षता में किया गया था। इसमें राजस्व की 14, पुलिस की दो, विकास की एक, पूर्ति की एक व विद्युत निगम की एक शिकायत मिलाकर 19 शिकायतें आईं। इसमें राजस्व की तीन शिकायतों का मौके से निस्तारण कर दिया गया। संवाद
35 में छह शिकायतों का हो सका निस्तारण
मोहम्मदी। तहसील सभागार में अपर जिलाधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें 35 शिकायतें दर्ज की गईं। इसमें छह शिकायतों का निस्तारण कर दिया गया। इसमें राजस्व की 18, पुलिस की 6, विकास की 4 विद्युत की तीन और पूर्ति विभाग की चार शिकायतें दर्ज की गई। संवाद
एसडीएम और सीओ ने सुनीं जनशिकायतें
धौरहरा। तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस एसडीएम राजेश कुमार की अध्यक्षता में हुआ। एसडीएम राजेश कुमार और नवागत सीओ शमशेर बहादुर सिंह ने फरियादियों को सुनकर शिकायतों को समय से निस्तारण के लिए कहा। समाधान दिवस में आशा कर्मियों ने बदायूं की साथी आशा कर्मी के अपहरण और दुष्कर्म के बाद हत्या करने के मामले में ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। समाधान दिवस में कुल 38 शिकायतें आईं। मौके पर तीन शिकायतें निस्तारित हो सकीं। संवाद
नसबंदी के बाद महिला की मौत के मामले में मुआवजे की मांग
- पीड़ित ने समाधान दिवस में लगाई गुहार
संवाद न्यूज एजेंसी
निघासन। संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक फरियादी ने पत्नी की नसबंदी के बाद हुई मौत के मामले में मुआवजे की मांग को लेकर जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा।
निघासन क्षेत्र के ग्राम सुथना बरसोला निवासी छोटेलाल ने बताया तीन दिसंबर 2020 को उसने अपनी पत्नी सोनी का नसबंदी ऑपरेशन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निघासन में कराया था। ऑपरेशन के बाद उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। 20 दिसंबर 2020 को घर पर उसकी पत्नी की मृत्यु हो गई। वह नसबंदी बीमा योजना के तहत मिलने वाली सहायता के लिए आवेदन कर चुका है, जिसकी औपचारिकताएं पूर्ण कर 2020 में ही बीमा फॉर्म सीएचसी निघासन में जमा किया गया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।